जमशेदपुर (JAMSHEDPUR) : वो कहावत है ना कि ‘जहां न पहुंचे रवि वहां पहुंचे कवि’. इसी मुहावरे को चरितार्थ कर रहे हैं पूर्वी सिंहभूम के जिला परिषद उपाध्यक्ष राजकुमार सिंह जिला के सबसे अंतिम व्यक्तियों तक खुशी पहुंचाने का काम कर रहे हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोच है की देश के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचे. इसी को ध्यान मे रखते हुए राज कुमार सिंह ने आज पटमदा के सबर बस्ती में बच्चों और उनके गरीब परिजनों के बीच, दीपावली मनाते हुए, मिट्टी के दिए, तेल, फुलझड़ी और मिठाइयों का वितरण किया. जंहा सबर परिवार में एक खुशी की लहर देखने को मिला.
जनजातियों के लिए कुछ कदम
आप को बता दें कि झारखंड में सबर जाति जो कि विलुप्त होने के बकगार पर पहुंच गई है. सबर जाती किसी तरह टूटे फूटे मकान में अपना जीवन यापन करने को मजबूर है. अब तक अगर बात की जाए तो सबर जातियों के लिए ना तो जिला प्रशासन आगे आ रहा है ना ही सरकार इन जनजातियों के लिए कुछ कदम उठा रही है. ताकि इनके जीवन मे सुधार आ सके. बोड़ाम थाना क्षेत्र के बेलडीह के पकटोड़ा गांव में जंहा सबर बस्ती वासी है ना तो उनके पास अच्छे मकान है ना ही पहनने को अछे कपड़े, वैसे बस्ती में जा कर राज कुमार सिंह ने उनके बस्ती में खुशियां बांटने का काम किया है.
जल पुरूष ने लोगों के साथ मनाई दिवाली
राज कुमार सिंह को जमशेदपुर में जल पुरूष के नाम से भी जाना जाता है, गर्मी के दिनों में जब जमशेदपुर के सटे इलाकों में पानी की कमी होती है तो राज कुमार सिंह ने लीगों के घरों तक पानी पहुंचाने का काम करते हूं. आज जैसे ही बोड़ाम के सबर बस्ती पहुंचे तो बच्चों सहित बड़ों के चेहरे खिल उठे, राज कुमार सिंह ने इन सबर परिवारों के बीच खुशियां बांटने का काम किया, सबर परिवारों में फुलझड़ी, मिट्टी के दिया, सरसो तेल, और मिठाइयों का वितरण किया, सबर बस्ती वाशियों और वंहा के आस पास के लोगों ने राज कुमार सिंह की सराहना की ओर कहा कि सबर बस्ती दीपोत्सव मनाया गया जिससे यंहा के लोगों में खुशी की लहर देखने को मिला है, वंही सबर बस्ती के बच्चियों ने कहा कि राज कुमार सिंह का एक वर्ष तक इंतजार करते है, दीपावली के बाद ठंढ के समय ये बस्ती में आ कर सभी की गर्म कपड़े भी देते है.
