धनबाद(DHANBAD): धनबाद नगर निगम में मेयर पद पर पार्टी का समर्थन लेने के लिए घमासान मचा हुआ है. इस बीच चर्चा तेज ही कि धनबाद में भाजपा अगर किसी नए पर दावं खेल दे, तो कोई आश्चर्य नहीं। वैसे भी पार्टी आश्चर्य में डालने वाले निर्णय के लिए जानी जाती है. धनबाद में भाजपा के बीस से अधिक लोगों ने मेयर पद पर समर्थन के लिए आवेदन किया है. यह बात भी सच है कि मेयर का चुनाव दलीय आधार पर नहीं होता है. फिर भी पार्टी का समर्थन वोटरों को खींचने में मदद करता है और पार्टी से जुड़े वोटर भी उम्मीदवार को समर्थन करते हैं. ऐसे में धनबाद में गजब की "कहानी" चल रही है. संभावना इस बात की है कि भाजपा किसी नए उम्मीदवार पर दावं लगा सकती है और ऐसे में प्रदेश कार्य समिति के सदस्य संजीव अग्रवाल का नाम गिनाया जा रहा है.
अगर सोमवार को भाजपा अपने किसी उम्मीदवार के समर्थन की घोषणा करती है, तो उसके बाद क्या होगा, यह देखना बहुत ही दिलचस्प होगा। क्योंकि पूर्व मेयर शेखर अग्रवाल ने तो नामांकन भी दाखिल कर दिया है और शायद कोई पेंच उनकी उम्मीदवारी को लेकर न फंसे, इसलिए दावे से लेकर नामांकन तक का काम उन्होंने बहुत जल्दी बाजी में किया है. सूत्र बताते हैं कि शनिवार को रांची में भाजपा कोर कमेटी की बैठक हुई थी. इस बैठक में उम्मीदवारों के दावे की सूची को शॉर्टलिस्ट किया गया. शेखर अग्रवाल और संजीव अग्रवाल के नाम पर मंथन भी किया गया. शेखर अग्रवाल भी भाजपा से जुड़े हुए हैं और पिछली बार पार्टी के समर्थन नहीं करने के बावजूद₹43000 से अधिक वोटो से जीत दर्ज की थी. इस बार भी वह मैदान में हैं. हालांकि सूत्र दावा कर रहे हैं कि संजीव अग्रवाल को ही पार्टी भाजपा समर्थित उम्मीदवार घोषित कर सकती है.
जानकारी के अनुसार 2 फरवरी को नगर निकाय चुनाव से संबंधित जिलों के अध्यक्षों को रांची बुलाया गया है. जिला अध्यक्षों को ही पार्टी के समर्थन के संबंध में जानकारी दी जा सकती है. हालांकि ऑफिशियल घोषणा होने तक इसका इंतजार करना होगा। लेकिन इतना तो तय है कि इस बार धनबाद में नगर निगम चुनाव भाजपा में भी कई राह खोलेगा। वैसे भी धनबाद भाजपा महानगर में विवाद सुलझने का नाम नहीं ले रहा है. प्रदेश अध्यक्ष की मौजूदगी में धनबाद के सांसद ढुल्लू महतो ने धनबाद में गुटबाजी को लेकर बहुत कुछ कहा था. उन्होंने एक निगरानी समिति बनाने का सुझाव दिया था. खैर जो भी हो, लेकिन समर्थन की घोषणा के बाद कौन-कौन से उम्मीदवार मैदान में रहेंगे, यह देखने वाली बात होगी।
रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो
