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धनबाद में नगर की सरकार: भाजपा उम्मीदवार को विपक्ष से नहीं, क्यों "भाजपा" से ही लड़ना होगा, पढ़िए प्रदेश -जिला का खेल

BY -
Satya Bhushan Singh   Dhanbad
Satya Bhushan Singh Dhanbad
Copy Editor • TheNewsPost.in
PublishedAt: February 3, 2026, 3:14:16 PM

धनबाद(DHANBAD): धनबाद में मेयर का चुनाव बहुत ही रोचक हो गया है.  इस बार का चुनाव भाजपा के उम्मीदवार को विपक्ष से नहीं, बल्कि "भाजपा" से ही लड़ना होगा।  पार्टी पर भी अंदरूनी राजनीति हावी लगती है.  चाहे महानगर अध्यक्ष के चयन की बात हो अथवा मेयर प्रत्याशी के समर्थन का.  सभी में किसी ने किसी लोकल नेता और उसके गुट का चला है.  नतीजा हुआ है कि झारखंड मुक्ति मोर्चा को धनबाद में अपनी जमीन तैयार करने का मौका मिल गया है.  भाजपा ने धनबाद में मेयर चुनाव में   संजीव अग्रवाल को समर्थन देने की घोषणा की और उसके तत्काल बात पूर्व मेयर  और धनबाद में भाजपा के एक कद्दावर  नेता रहे शेखर अग्रवाल ने दुमका में जाकर सीएम के सामने झामुमो   का दामन थाम लिया। 

तो क्या धनबाद भाजपा गुटबाजी में फंस गई है 
 
यह पार्टी के लिए झटका माना जा सकता है.  शेखर अग्रवाल पहले ही नॉमिनेशन कर चुके हैं और अब भाजपा समर्थित उम्मीदवार संजीव अग्रवाल भी नॉमिनेशन करेंगे।  4 तारीख को नामांकन का अंतिम दिन है, ऐसे में पूर्व विधायक संजीव सिंह नामांकन करते हैं अथवा नहीं, सांसद ढुल्लू महतो की पत्नी सावित्री देवी नामांकन करती है अथवा नहीं, यह देखने वाली बात होगी।  लेकिन इतना तो तय है कि धनबाद निगम चुनाव में भाजपा गुटबाजी में फंस गई है.  यह  अलग बात है कि शेखर अग्रवाल के लिए भी झामुमो  का समर्थन  लेना  बहुत आसान नहीं है.  जिला समिति ने पहले ही डॉक्टर नीलम मिश्रा को उम्मीदवार घोषित कर चुका है.  ऐसे में नीलम मिश्रा मैदान से हटती है अथवा नहीं, यह भी देखने वाली बात होगी।  यह बात भी सच है कि झामुमो  शीर्ष  नेतृत्व नीलम मिश्रा को पार्टी के हित में मैदान से हटने को कह  सकता है.  लेकिन यह होगा अथवा नहीं, यह भी भविष्य की बात है.  

मेयर पद के चुनाव को लेकर धनबाद भाजपा में राजनीतिक घमासान

इधर, मेयर पद के चुनाव को लेकर धनबाद भाजपा में राजनीतिक घमासान तेज हो गया है.  पार्टी के अंदर और बाहर तेजी से समीकरण बदल रहे हैं.  पार्टी कई खेमो  में बंटी  दिख रही है.  भाजपा जैसे ही संजीव अग्रवाल को अपना समर्थन देने की घोषणा की , शेखर अग्रवाल ने इस्तीफा दे दिया।  भाजपा के कई धुरंधर नेताओं ने नामांकन पत्र  खरीद कर यह  संकेत दे दिया है कि मुकाबला अभी आगे भी चलेगा।  निर्दल  चुनाव होने के कारण कई दावेदार अनौपचारिक बातचीत में कहा कि पीछे हटने का कोई सवाल ही नहीं है.  इतना तो तय है कि भाजपा के अलग-अलग नेता सीधे तौर पर तो नहीं, लेकिन अब अ प्रत्यक्ष तौर पर अपने-अपने समर्थक प्रत्याशियों को जिताने  में लगेंगे।  सवाल बड़ा  है कि भाजपा प्रदेश कमेटी के निर्णय के बाद धनबाद के भाजपाई एक हो पाएंगे, सवाल यह भी है कि शेखर अग्रवाल के झामुमो  जाने के बाद क्या झामुमो  के जिला स्तरीय नेता एकजुट रह  पाएंगे।  

रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो

Tags:DhanbadjharkhandBJPNigamChunaw

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