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धनबाद में निकाय चुनाव -भाजपा के तीन विधायकों पर क्यों भारी पड़ सकता है निगम चुनाव

धनबाद में निकाय चुनाव -भाजपा के तीन विधायकों पर क्यों भारी पड़ सकता है निगम चुनाव

धनबाद(DHANBAD):  धनबाद में मेयर का चुनाव दिलचस्प दौर में पहुंच गया है.  पार्टियों  का ताना-बाना टूटकर बिखर गया है. दल  टेंशन में हैं,सबसे अधिक प्रभावित भाजपा दिख रही है. यही वजह  है कि   भाजपा में सबसे अधिक खलबली है.  भाजपा ने संजीव अग्रवाल को धनबाद मेयर पद   के लिए  अपना समर्थित उम्मीदवार घोषित किया है.  बावजूद भाजपा के कई लोग चुनाव मैदान में डटे हुए है. भाजपा में गुटबाजी भी दिख रही है.  वैसे धनबाद नगर निगम के 55 वार्डों में से अधिकतर वार्ड धनबाद, झरिया, सिंदरी और बाघमारा विधानसभा क्षेत्र में आते हैं.  धनबाद, झरिया और बाघमारा विधानसभा सीट भाजपा के पास है.  

धनबाद,झरिया और बाघमारा विधानसभा सीट भाजपा के पास है 

धनबाद सीट से राज सिन्हा  चुनाव जीते हैं, तो झरिया से रागिनी सिंह और बाघमारा से शत्रुघ्न महतो।  तीनों भाजपा के है.  सिंदरी सीट  इस बार माले  के पास गई है.  बताया जाता है कि भाजपा में अनुशासन में बने रहने की चेतावनी काम नहीं आई.  समझाने -बुझाने  का तरीका भी कोई काम नहीं आया.  पार्टी के लोकल और प्रदेश स्तरीय नेताओं के कहने और प्रयास  के बाद भी किसी ने नाम वापस नहीं लिया।  पूर्व विधायक संजीव सिंह, मुकेश पांडे, भृगुनाथ  भगत, शांतनु चंद्र, अमित अग्रवाल मैदान में डटे हुए हैं.  भाजपा नेतृत्व को उनकी मौजूदगी से परेशानी हो रही है.  इसका असर वोटिंग पर  पड़ने  का भी खतरा दिख रहा है. भितरघात का भी डर है.  इस बीच जानकारी मिली है कि संगठन महामंत्री कर्मवीर शनिवार को धनबाद पहुंच रहे हैं.  

संगठन महामंत्री कर सकते हैं बागियों से बात ,सफलता पर निगाहे 

वह यहां पार्टी के समर्थित उम्मीदवार के पक्ष में रणनीति तय करेंगे, लेकिन इससे भी बड़ी खबर यह है कि वह मैदान में बागी बनकर डटे भाजपा की उम्मीदवारों से भी बातचीत कर सकते हैं.  ऐसे में अगर भाजपा समर्थित उम्मीदवार के पक्ष में मतदान का प्रतिशत नहीं बढ़ा, तो तीनो विधायको  की किरकिरी हो सकती है.  बता दें कि पूर्व मेयर  शेखर अग्रवाल भाजपा से जुड़े हुए थे.  लेकिन इस बार जब पार्टी समर्थित उम्मीदवार उन्हें घोषित नहीं किया गया, तो उन्होंने पार्टी छोड़ दी और झामुमो के साथ हो लिए.  ऐसे में कम से कम तीन विधायकों की बड़ी जिम्मेवारी होगी  कि वह भाजपा समर्थित उम्मीदवार के पक्ष में एकजुटता  बनाने की कोशिश करें। देखना है  कि आगे- आगे इसमें होता है क्या??

रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो

Published at:07 Feb 2026 07:51 AM (IST)
Tags:DhanbadNikay chunawWidhyakBJPVote
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