जमशेदपुर : सबसे सुरक्षित और पॉश इलाके से शहर के जाने- माने उद्यमी और आदित्यपुर स्मॉल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के उपाध्यक्ष देवांग गांधी के 25 वर्षीय पुत्र करब गांधी 36 घंटे से भी अधिक समय से रहस्यमयी तरीके से गायब हैं. इस मामले में न तो पुलिस कुछ बता रही है न परिजन. मगर कारोबार जगत इससे स्तब्ध है. कारोबारियों में दहशत के साथ साथ भविष्य की चिंता साफ झलक रही है. वहीं राजनीतिक दलों में भी पुलिस की कार्यशैली से नाराजगी देखी जा रही है.
लापता को तलाशने की गुहार
सिंहभूम चैंबर ऑफ़ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष मानव केडिया ने जमशेदपुर पुलिस और सरकार से व्यवसायियों की सुरक्षा की मांग की है. साथ उन्होंने जल्द से जल्द लापता हुए कैरव गांधी को तलाशने की गुहार लगाई है. उन्होंने कहा कि एक तरफ राज्य में उद्योग को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री विदेश में प्रेजेंटेशन दे रहे हैं दूसरी तरफ राज्य में व्यवसायी और उद्यमी असुरक्षित हैं. ऐसे में पलायन तय है. उन्होंने कहा कि शुक्रवार को आदित्यपुर में होने वाले रक्षा समिट में इस मुद्दे को लेकर जोर-शोर से आवाज़ उठाई जाएगी.
जांच केंद्रीय एजेंसी को सौंपने की मांग
वहीं केंद्र में भाजपा की सहयोगी दल जदयू के वरिष्ठ नेता आशुतोष राय ने राज्य सरकार से इस पूरे मामले की जांच केंद्रीय एजेंसी को सौंपने की मांग की है.उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की मशीनरी पूरी तरह विफल साबित हुई है.ऐसे में इस मामले को केंद्रीय जांच एजेंसी को सौंप देनी चाहिए
आवास पर पसरा सन्नाटा
उधर उद्यमी देवांग गांधी के आवास पर सन्नाटा पसरा हुआ है. करिबियों का आना- जाना लगा हुआ है मगर सभी मौन धारण किए हुए है. मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो एक विदेशी नंबर से देवांगन गांधी को फिरौती के लिए व्हाट्सएप कॉलिंग आया है मगर पुलिस ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गईं है.
कुल मिलाकर कहें तो कैरव गांधी मामले ने शहर के कानून व्यवस्था को तार- तार कर दिया है. जमशेदपुर पुलिस की खामोशी ने साफ कर दिया है कि वह संसाधन विहीन है.उसका इंटेलिजेंस पूरी तरह ध्वस्त हो चुका है.
रिपोर्ट : रंजीत कुमार ओझा
