जमशेदपुर (JAMSHEDPUR): अपने बयानों के लिए हमेशा चर्चित झारखंड के राजनीतिज्ञ सरयू राय को भी जेपी की संपूर्ण क्रांति की देन कहा जाता है. अब फिर वह 48 साल पहले हुए जेपी आंदोलन की राह पर चलने की तैयारी में जुट गए हैं. इसको लेकर आगामी 11 अक्टूबर को रांची में "भ्रष्टाचार विरोधी प्रतिनिधि सम्मेलन" होने जा रहा है.
सम्मेलन का उद्देश्य
सम्मेलन की जानकारी देते हुए जमशेदपुर पूर्वी के विधायक सरयू राय ने बताया कि 48 साल पूर्व बिहार में एक छात्र आंदोलन हुआ था, तब आज का झारखंड बिहार के साथ था. भ्रष्टाचार, महंगाई, बेरोजगारी और कुशिक्षा आंदोलन के मुख्य मुद्दे थे. तब भारत को गणराज्य घोषित हुए मात्र 24 साल और आजाद हुए मात्र 27 साल हुए थे. आजादी के आंदोलन का खुमार पूरी तरह खत्म नहीं हुआ था. आजादी की लड़ाई के अप्रतिम योद्धा जेपी के नाम से प्रसिद्ध जयप्रकाश नारायण की अगुवाई में तत्कालीन युवा पीढ़ी ने उपयुक्त मुद्दों पर आंदोलन का एक इतिहास रचा. जिसका दमन करने के लिए देश में पहली बार आपातकाल लगा. जिसका नतीजा हुआ कांग्रेस सरकार सत्ता से बेदखल हुई. राय ने कहा कि व्यवस्था परिवर्तन के संदर्भ में उपयुक्त मुद्दे आज भी पूर्व की तरह प्रासंगिक है. खासकर राजनीतिक भ्रष्टाचार चरम पर है. समस्त जन जीवन और शासकीय व्यवस्था हर स्तर पर इससे बुरी तरह आक्रांत है. उन्होंने कहा वर्तमान में व्यवस्था के समक्ष उत्पन्न हो रही समस्त कठिनाइयों की जड़ में आर्थिक राजनीतिक भ्रष्टाचार का प्रभाव है. समाज में हो रही गिरावट को रोकने के लिए भ्रष्टाचार के विरुद्ध आवाज देने की जरूरत है. आमजन, खासकर युवाओ को इससे जोड़ने की जरूरत महसूस हो रही है. इसे ध्यान में रखते हुए इस सम्मेलन का आयोजन आयोजन किया गया है. उन्होंने इसमें राज्य के सभी विधानसभा क्षेत्र से कम से कम 5 प्रतिनिधियों से शिरकत करने की अपील की है.
शामिल होने के लिए करना होगा पंजीकरण
इस सम्मेलन में शामिल होने के लिए प्रतिनिधियों को पहले मोबाइल नंबर 8877537777 के जरिये मिस कॉल या व्हाट्सएप भेजकर पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा.
रिपोर्ट: रंजीत ओझा, जमशेदपुर