देवघर(DEOGHAR): आज विद्या की देवी मां सरस्वती की पूजा है. चारों ओर सरस्वती पूजा की धूम मची है. लेकिन बाबा नगरी देवघर में सरस्वती पूजा के साथ-साथ होली भी मनाया जा रहा है. यह होली खुशियों की होली है. दरअसल आज मिथिलांचल वासियों द्वारा बाबा पर तिलक चढ़ाने के साथ-साथ आपस में एक दूसरे को अबीर गुलाल लगा रहे है. परंपरा के अनुसार मिथिलांचल वासियों के द्वारा बसंत पंचमी के दिन बाबा बैद्यनाथ का तिलकोत्सव मनाया जाता है. मिथिलांचल वासियों का मानना है कि बसंत पंचमी के दिन ही बाबा भोलेनाथ और मां पार्वती का फलदान तिलक हुआ था. इसी मान्यता को लेकर प्रत्येक वर्ष तिलक चढ़ाया जाता है.
तिलक चढ़ाने के साथ महाशिवरात्रि के दिन बाबा भोलेनाथ को मिथिला नगरी आने का और शिव विवाह में शामिल होने का निमंत्रण भी दिया जाता है. पूजा अर्चना के बाद जहां भी ये लोग ठहरे हुए हैं वहां भैरव पूजा का आयोजन किया जाता है. भजन कीर्तन, आरती करने के बाद एक दूसरे को अबीर गुलाल लगाकर खुशियां बांटी जाती है. मिथिलांचल वासियों की माने तो तिलक चढ़ाने के साथ ही होली की शुरुआत हो जाती है.
रिपोर्ट: रितुराज सिन्हा