☰
✕
  • Jharkhand
  • Bihar
  • Politics
  • Business
  • Sports
  • National
  • Crime Post
  • Life Style
  • TNP Special Stories
  • Health Post
  • Foodly Post
  • Big Stories
  • Know your Neta ji
  • Entertainment
  • Art & Culture
  • Know Your MLA
  • Lok Sabha Chunav 2024
  • Local News
  • Tour & Travel
  • TNP Photo
  • Techno Post
  • Special Stories
  • LS Election 2024
  • covid -19
  • TNP Explainer
  • Blogs
  • Trending
  • Education & Job
  • News Update
  • Special Story
  • Religion
  • YouTube
  1. Home
  2. /
  3. News Update

बसंत पंचमी के दिन भोलेनाथ का इस पवित्र द्वादश ज्योतिर्लिंग में तिलकोत्सव मनाने की है परंपरा,जिला प्रशासन पूरी तरह रहती है मुस्तैद

बसंत पंचमी के दिन भोलेनाथ का इस पवित्र द्वादश ज्योतिर्लिंग में तिलकोत्सव मनाने की है परंपरा,जिला प्रशासन पूरी तरह रहती है मुस्तैद

देवघर(DEOGARH): सभी द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ की अपनी अलग ही पहचान है, जो किसी अन्य ज्योर्तिलिंगों में देखने को नहीं मिलेगी. इस शिव धाम में एक से एक परंपरा सदियों से चली आ रही है. उसी के तहत एक अनोखी परंपरा है बसंत पंचमी के दिन बाबा बैद्यनाथ का तिलकोत्सव मनाने की. यूं तो बसंत पंचमी का पर्व देश भर में विद्या की देवी मां सरस्वती की पूजा-अर्चना के रूप में मनाया जाता है. लेकिन देवघर के विश्व प्रसिद्ध बाबा बैद्यनाथ मंदिर में आज बसंत पंचमी का दिन बाबा बैद्यनाथ के तिलकोत्सव के रूप में मनाया जा रहा है और तिलक की यह रस्म अदा करने मिथिलांचल से बड़ी संख्या में श्रद्धालु बड़े-बड़े कांवर लेकर बाबा धाम पहुंच रहे हैं.

बाबा मंदिर मिथिलांचल वासियों से पटा

बसंत पंचमी के अवसर पर आज अहले सुबह से ही बाबा मंदिर में श्रद्धालुओं की अपार भीड़ जुटी हुई है और यह भीड़ है खास कर मिथिलांचल से बाबा के तिलकोत्सव में शामिल होने आये श्रद्धालुओं की. मिथिलांचल से प्रत्येक वर्ष बसंत पंचमी के दिन बाबा का जलाभिषेक करने बड़ी संख्या में श्रद्धालु देवघर आते हैं. विशेष प्रकार के कांवर, वेश-भूषा और भाषा से अलग पहचान रखने वाले ये मिथिलावासी अपने को बाबा का संबंधी मानते हैं. इसी नाते आज के दिन बाबा के तिलकोत्सव में शामिल होने सभी देवघर आते हैं. कई टोलियों में आये ये मिथिलावासी शहर के कई जगहों पर इकठ्ठा होते हैं और बड़ी श्रद्धा से पूजा-पाठ, पारंपरिक भजन-कीर्तन कर आज के दिन झूमते-गाते बाबा का तिलकोत्सव मनाते हैं, खुशियां बांटते हैं और अबीर-गुलाल से खेलकर एक-दुसरे को बधाईयां देते हैं. आज से ही इन लोगों की होली की भी शुरुआत हो जाती है.

ऋषि मुनियों द्वारा शुरू परंपरा को आज तक मिथलांचल वासी निभाते आ रहे हैं

बाबाधाम के तीर्थ-पुरोहितों की मानें तो बसंत पंचमी के अवसर पर मिथिलांचल के लोगों द्वारा देवादिदेव महादेव को तिलक चढ़ाने की अति प्राचीन परंपरा रही है. कहते हैं कि ऋषियों- मुनियों ने इस परंपरा की शुरुआत की थी, जिसे आज तक ये मिथिलावासी निभाते आ रहे हैं. इसी के तहत मिथिला वासी सुलतानगंज स्थित उत्तरवाहिनी गंगा से एक विशेष तरह के कांवर में जल भर कर देवघर पहुंचते हैं और बाबा को हिमालय पुत्री मां पार्वती के विवाह में शामिल होने का निमंत्रण दे कर वापस अपने घर लौटते हैं. आज ही से मिथिलांचल में महाशिवरात्री महोत्सव की शुरुआत भी हो जाती है.

सुलभ और सुरक्षित जलार्पण प्रशासन की प्राथमिकता

बसंत पंचमी पर अपार भीड़ बाबा मंदिर में उमड़ती है. सभी को सुलभ और सुरक्षित जलार्पण करवाना जिला प्रशासन की प्राथमिकता रहती है. खुद जिला उपायुक्त विशाल सागर पूरी गतिविधियों पर नज़र बनाये हुए हैं. अहले सुबह से ही उपायुक्त मंदिर सहित रूट लाइन का लगातार जायजा ले रहे हैं. मंदिर से लेकर रूट लाइन तक दंडाधिकारी और अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है. सीसीटीवी से भी हर गतिविधियों पर विशेष नज़र रखी जा रही है. उम्मीद है आज करीब डेढ़ लाख श्रद्धालुओं द्वारा जलार्पण करने की संभावना है.

रिपोर्ट: ऋतुराज

 

Published at:03 Feb 2025 12:07 PM (IST)
Tags:झारखंडझारखंड न्यूजझारखंड अपडेटदेवघरदेवघर न्यूजबाबा बैद्यनाथ धामबाबा बैद्यनाथबाबा बैद्यनाथ का तिलकोत्सवमिथिलावासीदेवघर जिला प्रशासनदेवघर जिला उपायुक्त विशाल सागरद्वादश ज्योतिर्लिंगबसंत पंचमीJharkhandJharkhand NewsJharkhand UpdateDeogharDeoghar NewsBaba Baidyanath DhamBaba BaidyanathTilakotsav of Baba BaidyanathMithila residentsDeoghar District AdministrationDeoghar District Deputy Commissioner Vishal SagarDwadash JyotirlingBasant Panchami
  • YouTube

© Copyrights 2023 CH9 Internet Media Pvt. Ltd. All rights reserved.