टीएनपी डेस्क(TNP DESK): खनन लीज मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ निर्वाचन आयोग में सुनवाई पूरी हो चुकी है. दोनों पक्षों की ओर से वकीलों ने दलीलें पेश की. दलील सुनने के बाद आयोग ने फैसला सुरक्षित रख लिया. पूरे बहस की कॉपी लिखित रूप में निर्वाचन आयोग को सौंप दिया गया है. अब आयोग किसी भी दिन फैसला सुना सकता है.
बता दें कि इससे पहले इस मामले पर आयोग ने 12 अगस्त को सुनवाई की थी. निर्वाचन आयोग की ओर से सीएम हेमंत सोरेन के अधिवक्ता से लिखित सबमिशन मांगा गया था.
क्या है मामला
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर आरोप है कि उन्होंने मुख्यमंत्री पद पर रहते हुए अपने नाम पर खनन पट्टा लीज पर लिया है. उनपर यह आरोप भाजपा नेताओं ने लगाया था. भाजपा नेताओं ने इस मामले पर राज्यपाल रमेश बैस को ज्ञापन भी सौंपा था और मुख्यमंत्री को अयोग्य ठहराने की मांग की थी. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर आरोप है कि उन्होंने अपने नाम पर रांची के अनगड़ा मौजा थाना नंबर 26, खाता नंबर 187 प्लॉट नंबर 482 में पत्थर खनन पट्टा की स्वीकृति ली है. हालांकि मुख्यमंत्री कह चुके हैं कि उनके नाम पर कोई खनन पट्टा नहीं है.
राज्यपाल ने आयोग से मांगा था मन्तव्य
बीजेपी नेताओं द्वारा ज्ञापन सौंपने के बाद राज्यपाल रमेश बैस ने चुनाव आयोग से मन्तव्य मांगा था. इसके बाद चुनाव आयोग ने 2 मई 2022 को सीएम हेमंत सोरेन को नोटिस भेज जवाब मांगा था. नोटिस में 10 मई तक जवाब दाखिल करने का समय दिया गया था. लेकिन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मां की तबीयत बिगड़ जाने के बाद सीएम ने चुनाव आयोग से चार हफ्तों का समय मांगा था. इसके बाद चुनाव आयोग ने 20 मई को जवाब दाखिल करने का समय दिया था. 20 मई को सीएम हेमंत सोरेन ने अपना जवाब चुनाव आयोग में दाखिल किया. इसके बाद से चुनाव आयोग में सीएम हेमंत सोरेन की सुनवाई जारी है.
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