☰
✕
  • Jharkhand
  • Bihar
  • Politics
  • Business
  • Sports
  • National
  • Crime Post
  • Life Style
  • TNP Special Stories
  • Health Post
  • Foodly Post
  • Big Stories
  • Know your Neta ji
  • Entertainment
  • Art & Culture
  • Know Your MLA
  • Lok Sabha Chunav 2024
  • Local News
  • Tour & Travel
  • TNP Photo
  • Techno Post
  • Special Stories
  • LS Election 2024
  • covid -19
  • TNP Explainer
  • Blogs
  • Trending
  • Education & Job
  • News Update
  • Special Story
  • Religion
  • YouTube
  1. Home
  2. /
  3. News Update

मिलिए डॉ धूनी सोरेन से, इनके हौसलों की उड़ान ने इन्हें संथाल के गांव से पहुंचा दिया इंग्लैंड, सफर जान कर आप भी हो जाएंगे हैरान !

मिलिए डॉ धूनी सोरेन से,  इनके हौसलों की उड़ान ने इन्हें संथाल के गांव से पहुंचा दिया  इंग्लैंड, सफर जान कर आप भी हो जाएंगे हैरान !

दुमका (DUMKA): देश आजाद हुए 75 वर्ष बीत गए. आदिवासियों के विकास के लिए अलग झारखंड राज्य बने 22 वर्ष होने को है. इसके बाबजूद बोल चाल में हम लोग कहते है कि आदिवासी समाज आज भी पिछड़ा है. पिछड़ेपन के कारणों पर जब चर्चा होती है तो कहते है कि अशिक्षा के कारण समाज पिछड़ा हुआ है. वैसे वर्तमान समय में इसी समाज की एक बेटी द्रोपदी मुर्मू देश के प्रथम नागरिक चुनी गई और राष्ट्रपति के पद पर आसीन हुई है. आदिवासी समाज में भी समय-समय पर गुदड़ी के लाल पैदा होते हैं जो देश विदेश में अपना परचम लहराते हैं. इसी में से एक नाम है डॉक्टर धुनी सोरेन का. धुन के पक्के डॉ धूनी सोरेन पोस्टमास्टर की नॉकरी की, मन नहीं लगा तो कृषक बन गए. पॉयलट की ट्रेंनिंग ली और डॉ की पढ़ाई पूरी करने के बाद ऐसी उड़ान भरी की ब्रिटेन पहुंच गए. इस आर्टिकल में जानते है कौन है डॉ धूनी सोरेन. 

साल में एक बार दुमका पहुंच क्षेत्र में शिक्षा का अलख जगाते हैं डॉ धूनी सोरेन

डॉ धूनी सोरेन आजादी के बाद 1965 में संयुक्त बिहार में संथाल समाज से इंग्लैंड जाने वाले पहले व्यक्ति के रूप में जाने जाते हैं. वैसे मूल रूप से गोड्डा जिला के बोआरीजोर प्रखंड के रहने वाले हैं. बोआरीजोर प्रखंड आज भी सबसे पिछड़ा प्रखंड माना जाता है. प्रारंभिक शिक्षा गांव में ही हुई. किशोरावस्था में उन्होंने अपने गांव में रहकर आजादी का जश्न मनाया. उसके बाद पढ़ाई के लिए दुमका पहुंचे. दुमका से स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद इनके हौसलों को पंख लगा. पटना से मेडिकल की पढ़ाई पूरी करने के बाद 1965 में यह लंदन गए और वही के होकर रह गए. वर्तमान समय में नौकरी से सेवानिवृत्त हो गए हैं. लेकिन स्वदेश प्रेम इन में कूट-कूट कर भरा हुआ है. तभी तो वर्ष में एक बार दुमका आते हैं और क्षेत्र में घूम-घूम कर शिक्षा का अलख जगाते हैं. ब्रिटेन में रहकर भी यह अपने समाज के उत्थान के लिए प्रयासरत रहते हैं. वर्तमान में डॉक्टर धूनी सोरेन दुमका पहुंचे हैं. द न्यूज़ पोस्ट की टीम इनसे मिलने पुराना दुमका के हिजला रोड स्थित उनके आवास पर पहुंची. जहां इन्होंने देश एवं प्रदेश की वर्तमान राजनीतिक, आर्थिक, सामाजिक, शैक्षिक तमाम बिंदुओं पर बेबाक टिप्पणी की. 

रिपोर्ट: पंचम झा, दुमका

Published at:18 Oct 2022 02:43 PM (IST)
Tags:News
  • YouTube

© Copyrights 2023 CH9 Internet Media Pvt. Ltd. All rights reserved.