धनबाद(DHANBAD): आज संकल्प का दिन है, शपथ का दिन है, शोषण मुक्त होने के लिए संकल्प लेने का दिवस है. आज भी मजदूरों से 12 घंटे काम लिए जाते हैं, छुट्टी के दिन भी काम कराया जाता है. रविवार को भी काम होता है लेकिन ओवरटाइम भत्ता नहीं दिया जाता, इस तरह का शोषण आज भी जारी है. यह कहना है झारखंड बिजली कामगार यूनियन के प्रदेश महामंत्री राम कृष्णा सिंह का. मई दिवस के मौके पर यूनियन के कार्यालय में झंडा त्तोलन किया और शहीदों को श्रद्धांजलि दी. एक जुलूस भी निकाला गया, जो सभा में तब्दील हो गया. उन्होंने कहा कि पहले काम के घंटे निर्धारित नहीं थे. प्रबंधन अपने मन के मुताबिक काम लेता था.
1986 में शिकागो में हुई थी फायरिंग
1986 में शिकागो में काम का घंटा कम करने के लिए मजदूरों ने शांतिपूर्ण जुलूस निकाला था. बौखला कर प्रबंधन ने गोली चलवा दिया ,जिसमें कई मजदूर मारे गए. उसके बाद आखिरकार काम के घंटे तय हुए लेकिन आज फिर उसे नहीं माना जा रहा है. मजदूरों का शोषण जारी है, संपूर्ण राष्ट्र ही नहीं बल्कि विश्व अशांति के द्वार पर खड़ा है. जातिवाद, भाषावाद और आतंकवाद के नाम पर समाज के अस्तित्व को खतरे में डाला जा रहा है. देश को पूंजीवादी व्यवस्था की ओर धकेला जा रहा है.
सरकारी उपक्रमों का निजीकरण किया जा रहा
सभी सरकारी उपक्रमों का निजीकरण किया जा रहा है. पूरा देश महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, मूल्य वृद्धि जैसी समस्याओं से घिरा हुआ है. उन्होंने मई दिवस के मौके पर बिजली विभाग से अनुरोध किया कि कर्मियों के लंबित मांगों को पूरा किया जाये. कोरोना काल में जब सब कोई घर में सुरक्षित बचने के लिए रह रहे थे, उस समय भी बिजली कर्मियों ने जान जोखिम में डालकर बिजली आपूर्ति को सुचारू रखा. बावजूद 6 % ऊर्जा भत्ता का भुगतान नहीं किया गया. इस कार्यक्रम में अवधेश प्रसाद, सफीउल्लाह खान, राजीव चौधरी, कुल बहादुर, संतु मंडल, दिनकर, उज्जवल मिश्रा, श्रवण कुमार ,सुरेंद्र गिरी, उपेंद्र पटेल , अशोक सिंह ,एस विश्वनाथन आदि ने हिस्सा लिया.
रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो
