बोकारो(BOKARO): भारत में शहीदों के सम्मान और देश के लिए दिए गए उनके बलिदान को याद कर हर साल शहीद दिवस मनाया जाता है. इस दिवस पर भारत के गौरव, और आजादी के लिए लड़ने वाले महापुरुषों को श्रद्धांजलि दी जाती है. 23 मार्च ही वो दिन था जब भारत के वीर सपूत शहीद भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु ने हंसते हंसते फांसी की सजा को गले लगा लिया था. इसी लिए ये दिन भारत के इतिहास में बेहद खास है. इसी कड़ी में आज बोकारो जिले के स्वांग अवस्थित माकपा कार्यालय में माकपा नेता व कार्यकर्ताओं ने शहीद ए-आजम भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरु का शहादत दिवस मनाया . शहादत दिवस के कार्यक्रम में उपस्थित माकपा के राज्य सचिव मंडल सदस्य रामचंद्र ठाकुर, माकपा व सीटू नेता प्रदीप विश्वास एवं माकपा के राज्य कमेटी सदस्य श्याम सुंदर महतो ने कहा शहीदे आजम भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु का सहादत आज की वर्तमान परिस्थिति में एक प्रेरणा का स्रोत है.
भगत सिंह युवाओं एवं छात्रों के प्रेरणादायक
वक्ताओं ने कहा भगत सिंह ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ संघर्ष करते हुए न केवल भारत को आजाद कराना चाहते थे बल्कि वह भारत में एक शोषण विहीन समाज की स्थापना करना चाहते थे. इसी उद्देश्य की पूर्ति में उनकी शहादत हुई. भगत सिंह सांप्रदायिकता के खिलाफ एवं धार्मिक अंधविश्वास के खिलाफ डटकर आवाज बुलंद करते रहे. इसीलिए आज भगत सिंह युवाओं एवं छात्रों के प्रेरणादायक हैं .
ये सभी रहे मौजूद
इस कार्यक्रम में माकपा व सीटू नेता राकेश कुमार, विनय महतो, विनय स्वर्णकार, लखन महतो, शंकर प्रजापति, अजय कुमार, योगेंद्र प्रजापति, सोनाराम टूडू, केशच कमार, टेकलाल गोस्वामी, सुगन यादव, मोहन महतो आदि उपस्थित थे.
रिपोर्ट: संजय कुमार, बोकारो
