टीएनपी डेस्क (TNP DESK):11 मई 2026 यह वही मनहूस दिन है जहां जमशेदपुर शहर में एक ऐसी खौफनाक घटना घटी जिसे सुनकर लोग दहल गए. जहां एक टिस्को के सेवानिवृत्त कर्मी ने अपनी पत्नी, गर्भवती बेटी और अपने बेटे को मौत के घाट उतार दिया.जैसे ही इस घटना का खुलासा हुआ, यह खबर पूरे शहर में आग की तरह फैल गई. सभी तरफ बस इसी वारदात की बात हो रही थी कि आखिर ऐसा क्या हो गया कि रिटायर्ड कर्मचारी रविंद्र सिंह ने अपनी पत्नी सरिता सिंह, बेटी सुप्रिया सिंह और बेटे रविशेख सिंह की हत्या कर दी, जो उसके जीवन का अहम हिस्सा थे. वारदात की गुत्थी इतनी उलझी हुई है ऐसी कि इसकी गुत्थी पुलिस भी सुलझा नहीं पा रही है.
काफ़ी पेचिदा है केस
जमशेदपुर के टिस्को के सेवानिवृत्त कर्मचारी के हत्या करने का तरीका भी ऐसा खौफनाक था कि इस घटना की गुत्थी और उलझ गई.रविंद्र सिंह ने पहले अपनी पत्नी, बेटे और तीन महीने की गर्भवती शादीशुदा बेटी को हथौड़े से वार कर मौत के घाट उतार दिया और उसके बाद काफी देर तक वहीं बैठे रहे और खुद ही पुलिस को फोन कर बताया कि उन तीन लोगों ने मर्डर कर दिया है और पुलिस को बुलाया.जैसे ही पुलिस मौके पर पहुंची, वहां पर खून से सना हुआ हथौड़ा मिला. जिससे रविंद्र सिंह ने अपनी पत्नी, बेटी और बेटे की हत्या में इस्तेमाल किया था और वह सबके पास बैठा हुआ था.पुलिस ने पहले तीनों शवों को कब्जे में लिया और पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया वही आरोपी रविंद्र सिंह को हिरासत में लेकर जेल भेजा गया, जहां उससे काफी पूछताछ की गई, लेकिन अब तक उसने कोई भी ऐसा अहम जवाब नहीं दिया है जिससे इस घटना की गुत्थी सुलझ सके.
गुमराह करने के लिए खुद को बताया मानसिक रूप से बीमार
मौके पर जब पुलिस पहुंची तो रविंद्र सिंह से पूछताछ की गई, लेकिन उसने पुलिस को गुमराह करने के लिए कहा कि उसकी दिमागी हालत ठीक नहीं है, लेकिन सबसे ज्यादा सोचने वाली बात यह है कि एक प्रतिष्ठित कंपनी में नौकरी करने वाले और ईमानदारी से रिटायर होने वाले कर्मचारी का दिमाग इस तरह कैसे बदल सकता है.रविंद्र सिंह के बयान के बाद भी पुलिस संतुष्ट नहीं है क्योंकि यह पूरी तरह झूठ प्रतीत होता है.अगर रविंद्र सिंह का दिमाग ठीक नहीं होता तो वह नौकरी के कामकाज को पूरा नहीं कर पाता और पहले भी इस तरह की कोई हरकत जरूर होती, लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं था.वहीं आस-पास के लोग भी कुछ भी कहने से इनकार कर रहे है.
रिटायरमेंट के बाद पैसे के निवेश को लेकर उसके परिवार में विवाद
लेकिन दो दिन पहले इस मामले में रविंद्र सिंह ने खुलासा किया कि रिटायरमेंट के बाद पैसे के निवेश को लेकर उसके परिवार में विवाद हुआ था, जिसके गुस्से में आकर उसने तीन लोगों की हत्या कर दी लेकिन यह बात भी पुलिस को पूरी तरह स्वीकार नहीं हो रही है.अब तक जमशेदपुर के इस ट्रिपल मर्डर केस में पुलिस के हाथ कोई भी अहम सुराग नहीं लगा है जिससे यह साफ हो सके कि रविंद्र सिंह ने आखिर क्यों अपनी पत्नी, बेटी और बेटे की हत्या की.पूरा शहर जानना चाहता है कि आखिर ऐसी क्या मजबूरी थी कि उसने इतना खौफनाक कदम उठा लिया और अपना ही परिवार बर्बाद कर दिया.