रांची (RANCHI): ग्रामीण विकास विभाग से जुड़े चर्चित टेंडर घोटाला मामले में शुक्रवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया. मामले के आरोपी एग्जीक्यूटिव इंजीनियर राम पुकार राम ने रांची स्थित PMLA की विशेष अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया. सरेंडर के बाद अदालत ने कुछ शर्तों के साथ उन्हें जमानत दे दी. इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है.
जानकारी के अनुसार आरोपी एग्जीक्यूटिव इंजीनियर राम पुकार राम शुक्रवार को रांची स्थित विशेष PMLA कोर्ट में पेश हुए और सरेंडर किया. सुनवाई के दौरान अदालत ने उनकी जमानत याचिका स्वीकार कर ली. कोर्ट ने एक लाख रुपये के निजी मुचलके पर उन्हें बेल दी है. साथ ही अदालत ने कई शर्तें भी लगाई हैं. जमानत की शर्तों के तहत राम पुकार राम को अपना पासपोर्ट अदालत में जमा करना होगा और बिना कोर्ट की अनुमति के देश छोड़ने पर रोक रहेगी.
इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने हाल ही में पूरक आरोप पत्र दाखिल किया था. ईडी की ओर से दायर सप्लीमेंट्री चार्जशीट में प्रमोद कुमार समेत 14 अन्य लोगों को आरोपी बनाया गया है. अदालत ने पूरक आरोप पत्र पर संज्ञान लेते हुए सभी आरोपियों के खिलाफ समन जारी कर दिया है. बताया जा रहा है कि टेंडर घोटाले से जुड़े इस मामले में चार्जशीट दाखिल होने के बाद कई आरोपी अब तक अदालत में सरेंडर कर चुके हैं. इनमें से अधिकांश को शर्तों के साथ जमानत भी मिल चुकी है. वहीं जांच एजेंसी मामले में वित्तीय लेनदेन और अन्य संदिग्ध गतिविधियों की गहराई से जांच कर रही है.
ईडी की जांच में ग्रामीण विकास विभाग से जुड़े टेंडर आवंटन और वित्तीय अनियमितताओं के कई पहलुओं की पड़ताल की जा रही है. एजेंसी यह भी जांच कर रही है कि इस पूरे नेटवर्क में किन-किन अधिकारियों और ठेकेदारों की भूमिका रही है. फिलहाल मामले की कानूनी प्रक्रिया जारी है और आने वाले दिनों में कई अन्य आरोपियों की पेशी भी हो सकती है. इस हाई प्रोफाइल मामले पर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों की नजर बनी हुई है.