धनबाद(DHANBAD): जिला के SNMMCH अस्पताल में समस्याओं की भरमार है और सुविधाओं की किल्लत है. SNMMCH अस्पताल धनबाद, गिरिडीह, जामताड़ा और संताल परगना का यह सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल है लेकिन सुविधाओं के नाम यह अस्पताल फिसड्डी साबित हो रही है. अस्पताल की हालत यह है कि अगर आपको कुत्ता काट ले तो सुई के लिए सीरींच आपको खुद ही लाना पड़ता है. छोटी से छोटी दवा तक मरीज के परिजनों को खरीदनी पड़ती है. इतना ही नहीं अस्पताल परिसर में मारपीट, छेड़छाड़, चोरी की घटनाएं अक्सर होती रहती है.
दरअसल, अस्पताल में आधा दर्जन से ज्यादा एंट्री प्वाइंट है. कब और कहां से कौन प्रवेश करेगा यह पता तरना बहुत मुश्किल है. अस्पताल में केवल मरीज और उनके परिजन ही नहीं बल्कि बाहर के असामाजिक तत्व भी अस्पताल परिसर में प्रवेश कर जाते हैं और वाहन चोरी से लेकर छेड़छाड़ की घटनाओं को अंजाम देते है.
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अस्पताल के अगल-बगल के सड़कों की स्थिति भी बहुत अच्छी नहीं है. सड़कें टूटी हुई है, लोगों को आने- जाने में परेशानी होती है. सिंगल प्वाइंट एंट्री के लिए जिला प्रशासन के साथ पूर्व में बैठक भी हुई थी. उसमें तय हुआ था कि एक ही रास्ता रहेगा और मरीज के साथ परिजनों को प्रवेश करने के लिए पास निर्गत किए जाएंगे, लेकिन यह निर्णय सिर्फ कागज तक ही सीमित रहा. आगे कुछ भी नहीं हुआ, आज भी वही पुरानी व्यवस्था ही है. जिसके कारण लगातार अप्रिय घटनाएं घट रही है. अस्पताल के अधीक्षक एके बर्णवाल का कहना है कि बैठक में जो बातें तय हुई थी, वह किसी कारणवश क्रियान्वित नहीं हो सकी. जिसके कारण रोगी के साथ असामाजिक तत्व भी प्रवेश कर जाते है और चोरी की घटनाएं सुनने को मिलती रहती है. अगर सिंगल प्वाइंट एंट्री की व्यवस्था कर दी जाए तो मरीजों को भी लाभ होगा.
रिपोर्ट: शाम्भवी सिंह, धनबाद
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