रामगढ़ (RAMGARH): रामगढ़ स्थित राधा गोविंद विश्वविद्यालय के परीक्षा केंद्र पर जेईई-मेंस 2026 से पहले गड़बड़ी की बड़ी साजिश का खुलासा हुआ है. समय रहते मामले का पर्दाफाश होने से एक संभावित बड़े घोटाले को टाल दिया गया. पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि कुछ अन्य लोग मौके से फरार हो गए.
जानकारी के अनुसार, राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा जेईई-मेंस 2026 2 से 8 अप्रैल के बीच आयोजित होनी है. यह परीक्षा नेशनल टेस्टिंग एजेंसी द्वारा कराई जाती है, जबकि इसकी तकनीकी जिम्मेदारी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज के पास रहती है. इसी बीच 29 मार्च को विश्वविद्यालय परिसर में संदिग्ध गतिविधियां सामने आईं.
विश्वविद्यालय के कुलसचिव निर्मल कुमार मंडल द्वारा दर्ज कराई गई प्राथमिकी के अनुसार, एक कर्मचारी दिनेश कुमार महतो कुछ बाहरी लोगों को बिना अनुमति कंप्यूटर लैब में लेकर पहुंचा. वहां कंप्यूटर मॉनिटर बदलने और सिस्टम के साथ छेड़छाड़ की कोशिश की जा रही थी, जिससे परीक्षा प्रक्रिया प्रभावित हो सकती थी.
मामले का खुलासा तब हुआ जब विश्वविद्यालय के एक अन्य कर्मचारी उमेश कुमार बराव ने देखा कि कुछ लोग मॉनिटर को एक गाड़ी में लोड कर रहे हैं और दूसरे उपकरण लैब में ले जा रहे हैं. पूछताछ करने पर आरोपियों ने खुद को टीसीएस से जुड़ा बताया, लेकिन जांच में यह दावा झूठा निकला.
घटना के दौरान कुछ आरोपी मौके से भाग निकले, जबकि तीन लोग, दिनेश कुमार महतो, सूरज कुमार और शकीर अंसारी—को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया गया. पुलिस ने उनके पास से करीब 70 मॉनिटर, तीन मोबाइल फोन और एक फॉर्च्यूनर वाहन भी जब्त किया है.
टीसीएस के एरिया हेड ने साफ किया कि कंपनी किसी भी परीक्षा केंद्र पर उपकरण बदलने या छेड़छाड़ की अनुमति नहीं देती है. विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि यह साजिश परीक्षा को प्रभावित कर कुछ अभ्यर्थियों को अनुचित लाभ पहुंचाने के लिए रची गई थी. फिलहाल पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है.