जमशेदपुर (JAMSHEDPUR): जमशेदपुर के बागबेड़ा गाढ़ाबासा निवासी और विक्रम शर्मा हत्याकांड के मुख्य साजिशकर्ताओं में शामिल यशराज सिंह को देहरादून पुलिस ने उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से गिरफ्तार कर लिया है. लंबे समय से फरार चल रहे यशराज पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित था. गिरफ्तारी के बाद उसे देहरादून लाकर पूछताछ की गई और फिर न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया. पुलिस जांच में सामने आया है कि यशराज सिंह इस हत्याकांड में केवल साजिशकर्ता ही नहीं, बल्कि शूटरों का फाइनांसर भी था. उसने पूछताछ में स्वीकार किया कि विक्रम शर्मा की हत्या की योजना उसने अपने साथियों आकाश प्रसाद, आशुतोष सिंह, जितेंद्र साहू, विशाल सिंह और अंकित वर्मा के साथ मिलकर बनाई थी. हत्या को अंजाम देने के लिए उसने शूटरों को आर्थिक मदद पहुंचाई और भागने के लिए वाहन की भी व्यवस्था की थी. पुलिस के अनुसार, स्कॉर्पियो, स्कूटी और बाइक किराये पर लेने से लेकर यात्रा खर्च तक का भुगतान यशराज ने ही किया था.
दुकानों में करता रहा सप्लाई
पुलिस की जांच में सामने आया कि हत्या के बाद मुख्य आरोपी आकाश प्रसाद ने फोन कर यशराज को घटना की जानकारी दी थी. इसके बाद यशराज जमशेदपुर से फरार हो गया था. यशराज टाटानगर स्टेशन के आसपास दुकानों में नमकीन, बिस्किट और अन्य खाद्य सामग्री की सप्लाई का काम करता था और इसी दौरान उसकी पहचान आरोपियों से हुई थी. पूछताछ में यशराज ने एक और बड़ा खुलासा किया है. उसने बताया कि विक्रम शर्मा की हत्या की योजना पहली बार दिसंबर 2025 में नोएडा और दिल्ली में बनाई गई थी. लेकिन उस समय आरोपी सफल नहीं हो सके. बाद में देहरादून के सिल्वर सिटी मॉल के पास मौके की रेकी कर हत्या की अंतिम योजना बनाई गई. अंकित वर्मा लगातार विक्रम शर्मा की गतिविधियों पर नजर रख रहा था और उसने बताया था कि वह सुबह जिम अकेले जाता है, जिसके आधार पर हमले की रणनीति तय की गई.
फरार आरोपियों की कुर्की जारी
देहरादून पुलिस के अनुसार इस मामले में फरार आरोपी विशाल, आकाश, आशुतोष, जितेंद्र और अंकित के खिलाफ कोर्ट से कुर्की आदेश भी जारी हो चुका है. जल्द ही इनके घरों की कुर्की की कार्रवाई की जाएगी. इससे पहले यशराज के पिता राजकुमार सिंह और एक अन्य आरोपी मोहित उर्फ अक्षय ठाकुर को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है. जानकारी होगी विक्रम शर्मा की हत्या अपराधियों ने देहरादून में गोली मार करदी थी.