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मोबाइल-टॉर्च की रोशनी में डिलीवरी का मामला, स्वास्थ्य विभाग ने लिया एक्शन, राजनगर CHC प्रभारी निलंबित

BY -
Rohit Kumar Sr. Correspondent
Rohit Kumar Sr. Correspondent
Copy Editor • TheNewsPost.in
PublishedAt: May 12, 2026, 3:42:45 PM

सरायकेला (SARAIKELA): सरायकेला-खरसावां जिले के राजनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मोबाइल और टॉर्च की रोशनी में प्रसव कराने और मां-बच्चे की मौत के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है. विभाग ने राजनगर CHC के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. शिव लाल कंकुल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. इस मामले ने पूरे क्षेत्र में स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए थे. सरकार की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि डॉ. कंकुल प्रखंड स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन, प्रशासनिक निगरानी और पर्यवेक्षण की जिम्मेदारी निभाने में असफल रहे. उन पर अपने पद का दुरुपयोग करने और कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया गया है. विभाग का मानना है कि उनकी लापरवाही के कारण ही अस्पताल ने एक प्रसूता और नवजात की मौत हुई. 

महिला और नवजात की हुई थी मौत
जानकारी हो ही करीब एक सप्ताह पहले  राजनगर CHC से एक चिंताजनक मामला सामने आया था. अस्पताल में बिजली आपूर्ति बाधित होने के बाद वैकल्पिक व्यवस्था नहीं करने का मामला उजागर हुआ था. मोबाइल और टॉर्च की रोशनी में महिला का प्रसव कराया जा रहा था. उस दौरान प्रभारी डॉक्टर अस्पताल में मौजूद नहीं थे और एक नर्स ने ही डिलीवरी कराई. प्रसव के बाद महिला और नवजात दोनों की मौत हो गई. जिसके बाद परिजनों ने अस्पताल परिसर में जमकर विरोध प्रदर्शन किया. मामला सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने इसकी जांच कराई.  जांच रिपोर्ट के आधार पर स्वास्थ्य विभाग ने प्रथम दृष्टया में डॉ. कंकुल को जिम्मेदार मानते हुए निलंबन की कार्रवाई की। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय चाइबासा के सिविल सर्जन कार्यालय में निर्धारित किया गया है.

एमजीएम में नवजात की मौत की हो रही जांच
एमजीएम अस्पताल में सोमवार को टीका लगाने के बाद नवजात शिशु की मौत मामले की जांच भी की जा रही है. परिजनों ने टीकाकरण के बाद बच्चे की तबीयत बिगड़ने और मौत होने पर अस्पताल कर्मियों पर लापरवाही का आरोप लगाया था. मानगो के गुरुद्वारा रोड निवासी उमेश कुमार रवानी की पत्नी ने 9 मई को एमजीएम अस्पताल में बच्चे को जन्म दिया था. परिजनों के अनुसार प्रसव के बाद मां और नवजात दोनों स्वस्थ थे और अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद घर लौट गए थे. सोमवार को परिवार नवजात को नियमित टीका दिलाने अस्पताल पहुंचा. टीका लगने के कुछ समय बाद घर पहुंचते ही बच्चे की तबीयत बिगड़ने लगी. नवजात के हाथ-पैर अकड़ गए और शरीर नीला पड़ने लगा. थोड़ी देर बाद उसकी मौत हो गई. घटना के बाद आक्रोशित परिजनों ने एमजीएम में हंगामा भी किया था. अस्पताल अधीक्षक डॉ. बलराम झा ने मामले की जांच करने की बात कही है.

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