धनबाद: झारखंड स्वास्थ्य विभाग के क्षेत्रीय उपनिदेशक (RDD), उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल ने धनबाद पहुंचकर जिले की स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लिया.निरीक्षण के क्रम में वे धनबाद सिविल सर्जन कार्यालय पहुंचे, जहां स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई.
इस बैठक में झरिया विधायक रागिनी सिंह भी शामिल हुईं. बैठक के दौरान जिले के अस्पतालों के संचालन, संसाधनों की उपलब्धता, चिकित्सा सुविधाओं की स्थिति और आम लोगों को मिल रही स्वास्थ्य सेवाओं पर विस्तार से चर्चा की गई.
इस दौरान असर्फी अस्पताल से जुड़े गंभीर मामले ने बैठक का केंद्र बिंदु बना रहा. बताया जा रहा है कि एक अशर्फी अस्पताल द्वारा मृतक के शव को बंधक बनाए जाने का मामला सामने आया था, जिसे लेकर पहले ही राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली थी. इस मुद्दे को झरिया विधायक रागिनी सिंह ने विधानसभा में भी उठाया था.
मामले के अनुसार, अस्पताल प्रबंधन द्वारा बकाया राशि को लेकर शव को परिजनों को नहीं सौंपा गया था. बाद में धनबाद के महापौर संजीव सिंह ने हस्तक्षेप करते हुए पूरे पैसे का भुगतान कर शव को अस्पताल से मुक्त कराया, जिसके बाद यह मामला और ज्यादा चर्चा में आ गया.
RDD ने मीडिया से बातचीत में कहा कि पूरे मामले की जांच जारी है. उन्होंने बताया कि इससे जुड़े सभी पक्षों को बुलाकर उनका बयान लिया गया है और हर पहलू की गंभीरता से जांच की जा रही है. जांच पूरी होने के बाद विस्तृत रिपोर्ट विभाग को सौंपी जाएगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी.
वहीं झरिया विधायक रागिनी सिंह ने इस घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि “इस तरह की घटना की जितनी भी निंदा की जाए, वह कम है. पीड़ित परिवार को हर हाल में न्याय मिलना चाहिए.”
मृतक की पत्नी शोभा सिंह ने भी प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है. उन्होंने कहा कि भविष्य में किसी और परिवार के साथ ऐसी घटना न हो, इसके लिए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई जरूरी है.
इस पूरे मामले ने निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली और मानवता से जुड़े सवालों को एक बार फिर खड़ा कर दिया है. अब सभी की नजरें RDD की जांच रिपोर्ट और उसके बाद होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं.
रिपोर्ट नीरज कुमार