चाईबासा(CHAIBASA): राज्य में धान क्रय की राशि भुगतान में देरी से किसान परेशान हैं. कई जगहों में राशि भुगतान में अनियमतता की भी बात सामने आई है. इन्हीं सब मामलों को लेकर राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री मधू कोड़ा ने कृषि मंत्री बादल पत्रलेख से मुलाकात कर पत्र सौंपा है. इस पत्र के जरीए पूर्व मुख्यमंत्री ने मांग की है कि पश्चिम सिंहभूम के लैम्पस के किसानों से धान क्रय की राशि और बकाया बोनस राशि भुगतान का जल्द भुगतान किया जाए. वहीं धान क्रय की राशि भुगतान में बढ़ती अनियमितता की भी जांच राज्य सरकार कराए.
आंकड़ों से समझायी गड़बड़ी
इस पत्र में पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा ने कहा कि पश्चिम सिंहभूम जिला के लैम्पस में वित्तीय वर्ष 2021-22 में पश्चिमी सिंहभूम जिला लैम्पस के माध्यम से 3541 निबंधित किसानों के विरूद्ध 4379 किसानों से कुल 1946865 क्विंटल धान क्रय की गई है. जिसमें से क्रय की गई धान का 50 प्रतिशत धान 97343.29 क्विंटल के समतुल्य राशि 18,88,45,994.24 रुपए प्रथम किस्त के रूप में भुगतान किया गया है. वहीं दूसरी किस्त के रूप में 3208 किसानों को कुल शेष बचे 1,42,53,030 क्विंटल धान का 50 प्रतिशत 71,265.15 क्विंटल धान का समतुल्य राशि 13,82,54,392.94 रुपए का भुगतान किसानों को किया गया है. जो कि कुल 32,71,00,387.18 रुपए राशि का भुगतान किया गया है. इसके बाद मिलाले द्वारा धान के बोनस के रूप में राशि 1,56,78,33,322 रुपए का भुगतान किया गया है. इन आंकड़ों को देखने से लगता है कि धान मीलरों द्वारा क्रय धान की मात्रा में उठाव किया गया है, जो काफी विरोधाभास है. दूसरी बात यह है कि प्रथम किस्त में किसानों की संख्या 4,379 थी और दूसरी किस्त में किसानों की संख्या 3,268 है. किसानों की संख्याओं में ऐसे अंतर से पता चलाता है कि पश्चिमी सिंहभूम जिला लैम्पसो के हजारो किसानों को शत प्रतिशत भुगतान उनसे क्रय फसल के मुताबिक नहीं हो पाई है.
किसान कर्ज लेने को मजबूर
वहीं पहली किस्त के क्रय धान का बोनस राशि भी अब तक भुगतान नहीं किया गया है. बता दें कि किसान को धान क्रय पर प्राप्त होने वाली राशि से किसान अगले चार की खेती की योजना बनाते हैं. लैम्पस के माध्यम से धान क्रय राशि का भुगतान किसानों को नहीं किए जाने से किसान कर्ज लेने को मजबूर हो रहे हैं. इससे किसानों की खेती भी प्रभावित हो रही है. यह किसानों के हित में नहीं है. मधू कोड़ा ने मांग की है कि मामलें को संज्ञान में लेते हुए शीघ्र किसानों से धान क्रय की राशि और बकाया बोनस राशि का भुगतान किया जाए. धान क्रय की राशि भुगतान में बरती अनियमितता की भी जांच की जाए.
रिपोर्ट: संतोष वर्मा, चाईबासा
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