रांची (RANCHI) झारखंड में मानसून का कहर जून महीने के दूसरे सप्ताह से ही शुरु हो चुका था. लेकिन मानसून की बेरुखी इस कदर रही कि राज्य में सुखाड़ की भी नौबत आ गई.अक्टूबर महीना का आगाज हो चुका है, लेकिन इंद्र भगवान का कहर अभी भी कायम है. पिछले कुछ दिनों से राज्य में धूप छांव के बीच लगातार बारिश का दौर भी जारी है, दुर्गा पूजा के उल्लास के बीच मौसम विभाग के अनुसार खबर यह भी है कि बंगाल की खाड़ी में बना सरकुलेशन पूजा के रंग को फीका कर सकता है, क्योंकि अष्टमी और नवमी तक तो बारिश की संभावना बनी हुई है ही दशमी को भी आकाश में बादलों का डेरा लगा रह सकता है .आज षष्टी पूजा का प्रारंभ हो गया. मौसम का राहत आज दिखाई दे रहा है क्योंकि दिन में धूप कड़ाके की हैं लेकिन वहां सप्तमी से महादशमी तक झारखंड के आकाश पर घने बादल छाए रहने की संभावना मौसम विभाग के द्वारा जताई गई है, जबकि 2 अक्टूबर को राज्य के कुछ हिस्सों में हल्की फुल्की बारिश की संभावना है, लेकिन वही 3 और 4 अक्टूबर यानी कि महा अष्टमी और महानवमी को रांची समेत झारखंड के कई हिस्सों में दिनभर बारिश होने का पूर्वानुमान मौसम विभाग के अनुसार बताया गया है. वहीं 4 अक्टूबर यानी महा अष्टमी को मौसम विभाग के अनुसार राज्य के कई क्षेत्र में भारी बारिश का अनुमान जताया गया है.
बंगाल की खाड़ी में साइक्लोनिक सरकुलेशन के कारण होगी बारिश
मौसम विभाग के वैज्ञानिक अभिषेक आनंद के मुताबिक शनिवार से ही बंगाल की खाड़ी में साइक्लोनिक सरकुलेशन बनना शुरू हो जाएगा. जिसका असर तीन-चार दिनों तक रहेगा,साथ ही मौसम विभाग ने अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि गर्जन और वज्रपात की घटनाओं के साथ मध्यम से भारी बारिश हो सकती है. पश्चिम बंगाल से झारखंड के इलाके समेत पूरे राज्य में अच्छी बारिश की संभावना मौसम विभाग के द्वारा जताई गई है. वैज्ञानिक अभिषेक आनंद के मुताबिक मॉनसून लौटना शुरू हो चुका है. देश से जब मानसून के जाने का दौर शुरू होता है,तो इस क्रम में झारखंड में भी बारिश होती है. देशभर के कई हिस्सों से मानसून की विदाई हो चुकी है.
