बोकारो (BOKARO) : झारखंड में अवैध बालू का खनन धड़ल्ले से चल रहा है. यहां अवैध बालू खनन माफियाओं का दबदबा बढ़ता जा रहा है. इसे रोकने में सरकार और प्रशासन विफल साबित हो रही है. प्रशासन से लेकर आम लोग इन माफियाओं के वजह से परेशान हैं. यह लोग सरकार द्वारा तय की गई मूल्य से 2 गुने और 3 गुने दाम पर बालू की बिक्री करते हैं. राजभर में रोजाना 700 से लेकर 800 अवैध बालू की खरीद बिक्री हो रही है. ऐसे ही अनुमान लगाया गया है कि तकरीबन 60 करोड़ का अवैध धंधा प्रतिमाह चल रहा है. जो बालू 18 हजार में मिलती है उन्हें 28 हजार रुपए तक में बेचा जा रहा है.
बालू का अवैध कारोबार
झारखंड राज्य में 608 बालू घाट है मगर आश्चर्य की बात यह है कि इनमें से मात्र 18 घाटों से ही अवैध तरीके से बालू का उठाव हो रहा है. राज्य के अधिकांश जिलों में पिछले कई सालों से बिना टेंडर के बालू का खनन और परिवहन चल रहा है. ऐसे में इन लोगों ने पुलिस और प्रशासन के नाक में दम कर दिया है. इसी से जुड़ा एक और मामला सामने आया है, जहां बालू खनन में रोक लगाए जाने के बावजूद बोकारो जिले में बालू माफिया बेरोकटोक सरकार के आदेश को धता बताकर बालू का अवैध कारोबार करने में जुटे हुए हैं.
शहर में अधिक कीमतों में बेचा जा रहा बालू
खनन विभाग के कार्यालय से महज 6 किलोमीटर की दूरी अवैध बालू का भंडारण कर उसे बेचने का काम किया जा रहा हैं. ये खनन हरला थाना क्षेत्र के भातुआ गांव स्थित दामोदर नदी के पास किया जा रहा है. दामोदर नदी से बालू का उठाव कर पहले स्टॉक किया जाता है, फिर उसे गाड़ियों के माध्यम से शहर में अधिक कीमतों में बेचा जा रहा है. हालाकि वर्तमान समय में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने खनन पर पूरी तरह से रोक लगा रखी है मगर इसके बावजूद यह कारोबार बिना किसी संकोच के किया जा रहा है. जिले के डीसी के द्वारा अवैध खनन को रोकने के लिए टास्क फोर्स भी बनाया गया है लेकिन वह भी नाकामयाब नजर आ रहा है. वहीं इस पूरे मामले में खनन निरीक्षक का कहना है कि सूचना मिली है तो कार्रवाई जरूर होगी.
