रांची(RANCHI): झारखंड में शिक्षा के नाम पर लूट मची हुई है. शहरों में हर ओर बड़े बड़े होर्डिंग लगे मिल जाएंगे. इस होर्डिंग में नई तकनीक के तहत पढ़ाई कराने का दावा करते कई शिक्षा विद दिख जाते हैं. आजकल होर्डिंग और विज्ञापन के जरिए ही वे बच्चों आकर्षित करने में लगे हैं. मानो शिक्षा नहीं कुछ सामान की बिक्री की जा रही है.अब इसके खिलाफ पासवा आंदोलन करने की तौयारी में जुट गई है.
बायोम में बच्चों के साथ खिलवाड़ करने लगा
पासवा के अध्यक्ष आलोक दुबे ने कहा कि बायोम में बच्चों के साथ खिलवाड़ करने लगा है. आशीष नाम के लड़के का फोटो होर्डिंग में लगाया गया है. जबकि आशीष कभी झारखंड आया ही नहीं है. उन्होंने कहा कि आशीष को प्रलोभन दिया गया. उस प्रलोभन के जरिये ही उसका फ़ोटो बायोम के पोस्टर में लगाया गया. उन्होंने बताया कि आशीष फिलहाल दिल्ली एम्स में पढ़ाई कर रहा है.
सिर्फ पोस्टर ही नहीं एक प्रोग्राम भी कराया गया जिसमें आशीष को राज्य के मंत्री और सांसद के द्वारा सम्मानित कराया गया.इस सम्मान कार्यक्रम में मंत्री की ओर से एक लाख का चेक भी दिया गया.ऐसे फर्जीवाड़े का पासवा खुलासा करेगा. साथ ही इस मामले में राज्य के मुखिया से मिलकर कार्रवाई की मांग करेंगे. उन्होंने कहा कि राज्य के गरीब बच्चों को शिक्षा से दूर रखने की साजिश रची जा रही है. निजी संस्थानों में लूट मची हुई है.ऐसे कोचिंग संस्थान के खिलाफ पासवा सड़क पर उतर कर आन्दोलन करने को मजबूर होंगे. उन्होंने कहा कि अगर 24 घन्टे में सभी फर्जी पोस्टर नहीं उतारे गए तो संबंधित थाना में बायोम के खिलाफ केस दर्ज कराएंगे.
अभिभावकों को लूटने का काम किया जा रहा
लाल किशोर नाथ शाहदेव ने कहा कि झारखंड में प्राइवेट संस्थान छात्रों को लूटने में लगी है.खास कर रांची में कई ऐसे संस्थान चल रहे है जिसमें नामांकन कराने के लिए अभिभावकों को लूटने का काम किया जा रहा है.हाल में बायोम संस्था का कई कांड उजागर हुआ है.जिसमें फर्जी तरीके से बोर्ड पर फ़ोटो लगाकर बताया जा रहा है कि इनका सेलेक्शन बड़े बड़े मेडिकल कॉलेज में हुआ है.जो पूरी तरह से फर्जी है.
जो बच्चा संस्थान में पढ़ा नहीं है उसकी भी फ़ोटो होर्डिंग में
राजेश गुप्ता छोटू ने कहा कि राज्य में दर्जनों लूटने के लिए संस्थान चल रहे है.जो बच्चा संस्थान में पढ़ा नहीं है उसकी भी फ़ोटो होर्डिंग में लगाकर बच्चों को अपनी ओर आकर्षित करने में लगे है. इस मामले में संस्था के संचालकों पर कार्रवाई की जरूरत है. जो संस्था फर्जीवाड़ा कर बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने में लगे है. यह देश का सबसे बड़ा अपराध है.झारखंड एक वेल्फेयर राज्य है. यहां छात्रवृत्ति मिलने के बाद बच्चें अपना भविष्य बनाने के लिए गांव से शहर आते है. लेकिन यह संस्थान राज्य के लोगों को लूटने में लगे है. जब शिक्षा भी घोटाला होने लगे तो फिर राज्य में बेहतर शिक्षा व्यवस्था कैसे होगी. उन्होंने कहा कि राज्य में एक ऐसी शिक्षा नीति बनाने की जरूरत है जिसमें निजी संस्थानों पर लगाम लगाया जा सके. साथ ही एक रकम निर्धारित की जाए जिससे एक गरीब का बच्चा भी अच्छे संस्थान में पढ़ सके.
