रांची (RANCHI): झारखंड में सामने आए बहुचर्चित शराब और जमीन घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग और आय से अधिक संपत्ति मामले की जांच तेज हो गई है. भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो एसीबी इस पूरे प्रकरण की गहराई से जांच कर रहा है और इसी क्रम में बुधवार को निलंबित आईएएस अधिकारी विनय कुमार चौबे के चार्टर्ड अकाउंटेंट उपेंद्र शर्मा से पूछताछ करेगा.
एसीबी ने उपेंद्र शर्मा को समन जारी कर तलब किया है. जांच एजेंसी उनसे विनय चौबे और उनसे जुड़े लोगों के बैंक खातों में हुए सभी वित्तीय लेन-देन का विस्तृत विवरण मांगेगी. अधिकारियों के अनुसार पूछताछ के दौरान धन के स्रोत, निवेश के तरीके और लेन-देन की पूरी श्रृंखला की जांच की जाएगी.
अब तक की जांच में आरोप सामने आए हैं कि विनय चौबे ने कथित तौर पर शराब और जमीन घोटाले से अर्जित अवैध धन को ठिकाने लगाने के लिए अपने रिश्तेदारों के बैंक खातों, शेल कंपनियों और रियल एस्टेट निवेश का सहारा लिया. एसीबी इस पहलू की भी जांच कर रही है कि इन वित्तीय गतिविधियों में चार्टर्ड अकाउंटेंट की भूमिका क्या रही.
पूछताछ के दौरान विनय चौबे और उनके परिवार की घोषित आय की तुलना उनकी वास्तविक संपत्तियों से की जाएगी. आय और संपत्ति के बीच अंतर को लेकर कई अहम सवाल पूछे जाने की संभावना है. साथ ही विभिन्न निवेश योजनाओं और कथित बेनामी संपत्तियों से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की जाएगी.
उल्लेखनीय है कि इस मामले में 24 नवंबर को एसीबी रांची थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी. एफआईआर में विनय चौबे के अलावा उनके परिवार के सदस्यों और करीबी लोगों को भी आरोपी बनाया गया है. एसीबी का कहना है कि पूछताछ और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
