धनबाद(DHANBAD): नेशनल हाईवे हो या शहर की सड़के. आवारा पशु सडको पर 'साइलेंट किलर' बन गए हैं. इन पशुओं के चलते रोज कहीं ना कहीं दुर्घटनाएं हो रही हैं. फिर भी इसके उपाय नहीं खोजे जाते. धनबाद शहर हो या बाजार, हर जगह आवारा पशु सड़क पर कब्जा जमाए बैठे रहते हैं. हीरापुर-हटिया रोड में तो एक विशालकाय साड़ दिन-रात विचरण करता रहता है. उसे देखकर ही लोग रास्ता छोड़ देते हैं. बीच सड़क पर अगर खड़ा हो जाता है तो ट्रैफिक जाम हो जाती है. फिर भी उसके उपाय नहीं ढूंढे जाते. शहर का रणधीर वर्मा चौक पर तो 24 घंटे आवारा पशु विचरण करते दिख जाएंगे. सिर्फ विचरण ही नहीं करते हैं, बल्कि आपस में कभी-कभी तो लड़ जाते है और लड़ाई भी उनकी आधे घंटे तक जारी रहती है.
ट्रैफिक जाम तक कर देते है ये आवारा पशु
ट्रैफिक जाम की समस्या उत्पन्न हो जाती है फिर भी निजात के उपाय नहीं किए जाते. नेशनल हाईवे की बात करें तो वहां तो मवेशियों का झुंड जब सड़क पर निकलता है तो वाहन वालों को खुद ही रास्ते के लिए इंतजार करना पड़ता है. कभी-कभी तो नेशनल हाईवे पर पशु आकर बैठ जाते हैं, तेज रफ्तार से आ रहे वाहन उन पर चढ़ते हुए निकल जाते है. कभी-कभी पशुओं से टकराकर पलट भी जाते हैं. होता यह है कि पशु मालिक घर से पशुओं को खोल देते हैं और पशु चिकनी सड़क होने के कारण आ कर आराम से सड़क पर ही कब्जा जमा लेते हैं.
कई बार तो यह पशु दुर्घटना के कारण भी बन जाते हैं
कई बार तो यह पशु दुर्घटना के कारण भी बन जाते हैं. NHAI की पेट्रोलिंग टीम को भी जानवरों को हटाने में कोई रुचि नहीं होती और शहर की सड़कों पर से आवारा पशुओं को हटाने में धनबाद नगर निगम भी कोई दिलचस्पी नहीं दिखलाता. धनबाद शहर में तो कई बार आवारा पशुओं ने लोगों की जान भी ले ली है. यह पशु इतना ढीठ और आक्रामक होते हैं कि अगर आप सावधानी नहीं बरतते हैं तो आपकी जान भी ले सकते हैं.
