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इंटक की सीट खाली छोड़ कोल इंडिया ने कर दी मानकीकरण कमेटी का गठन, जानिए क्या पड़ेगा असर 

BY -
Satya Bhushan Singh   Dhanbad
Satya Bhushan Singh Dhanbad
Copy Editor • TheNewsPost.in
PublishedAt: January 16, 2026, 5:06:17 PM

धनबाद(DHANBAD):  कोल इंडिया मैनेजमेंट ने शुक्रवार को स्टैंडर्डाइजेशन कमेटी(मानकीकरण समिति ) की घोषणा कर दी.  लेकिन उस समिति में इंटक  को जगह नहीं मिली है. अधिसूचना में कहा गया है कि इंटक में गुटबाजी के कारण फिलहाल इंटक कोटे  की सीट को खाली रखा गया है. कोयला उद्योग में इस कमेटी की भूमिका महत्वपूर्ण होती है. वेतन समझौता हो जाने के बाद जेबीसीसीआई सदस्यों की भूमिका  लगभग खत्म हो जाती है.  वेतन समझौता के क्रियान्वयन सहित अहम मुद्दों पर स्टैंडर्डाइजेशन कमेटी में ही विचार किया जाता है. 
 
कोल इंडिया ने इंटक को अलग रख बना दी समिति 
 
कोल इंडिया की ओर से गठित कमेटी के अध्यक्ष कोल् इंडिया के कार्मिक निदेशक हैं, वहीं कोल इंडिया के महाप्रबंधक (ह्यूमन रिसोर्सेज एंड इंडस्ट्रियल रिलेशन) संयोजक है. सदस्य के रूप में सभी अनुषंगी कंपनियों के निदेशक कार्मिक को रखा गया है. इंटक  में लगातार विवाद चल रहा है. सोनिया गांधी के हस्तक्षेप के बाद भी यह विवाद खत्म नहीं हुआ. इंटक  के लोग कई गुटों में बंटे  हुए है. नतीजा है कि एक समय की सबसे मजबूत यूनियन इंटक आज कमजोर हो गई है.  बता दें कि  इंटक के महत्व को जब केंद्रीय नेतृत्व ने समझा तो सोनिया गांधी ने 2 सदस्य कमेटी का गठन कर इस विवाद को खत्म कराने की कोशिश शुरू की. 

सोनिया गाँधी के प्रयास से भी नहीं ख़त्म हुआ विवाद 
 
मलिकार्जुन खड़के और दिग्विजय सिंह इसके सदस्य बनाए गए. ददई दुबे ने सोनिया गांधी को पत्र लिखकर और फिर खड़के  से मुलाकात कर दिग्विजय सिंह पर ही सवाल खड़ा कर दिया था. हालांकि कांग्रेस नेतृत्व यह चाहता है कि 2024 के लोकसभा चुनाव के पहले इंटक  का विवाद  खत्म हो जाए क्योंकि चुनाव के परिणाम में इंटक और उससे जुड़े नेताओं की बड़ी भूमिका होती है.  हालांकि अभी भाजपा का  संगठन बीएमएस और एटक कोयलांचल में अपना दायरा बढ़ाने की लगातार कोशिश कर रहे हैं, वह समझ रहे हैं कि यही  समय है जब इंटक वाले आपस में लड़ते रहे और उनका संगठन मजबूत होता रहे.

रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो    

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