रांची (RANCHI): झारखंड के नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य के स्वास्थ्य विभाग में भ्रष्टाचार, दवा बर्बादी और एंबुलेंस खरीद में कथित गड़बड़ियों को लेकर हेमंत सरकार पर बड़ा हमला बोला है. उन्होंने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य विभाग में बनाई गई कॉरपोरेशन व्यवस्था लूट, कमीशनखोरी और टेंडर मैनेजमेंट का अड्डा बन चुकी है. मरांडी ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच सीबीआई से कराने की मांग की है.
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि राज्य में भ्रष्टाचार इस हद तक बढ़ चुका है कि अब उस पर बोलने के लिए शब्द भी कम पड़ रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार भ्रष्टाचार रोकने के बजाय उसे बढ़ावा दे रही है. मरांडी ने कहा कि उन्हें रोज राज्यभर से भ्रष्टाचार और अनियमितताओं की शिकायतें मिलती हैं, लेकिन सरकार कार्रवाई करने के बजाय मामलों को दबाने में लगी हुई है.
मरांडी ने झारखंड मेडिकल एंड हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट एंड प्रोक्योरमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (JMHIDPCL) में नियुक्तियों को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए. उन्होंने आरोप लगाया कि शैलेन्द्र श्रीवास्तव नामक व्यक्ति को नियमों के खिलाफ लगातार सेवा विस्तार दिया गया. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की मंजूरी जरूरी होने के बावजूद बिना स्वीकृति के सेवा विस्तार देना सत्ता के दुरुपयोग का उदाहरण है.
नेता प्रतिपक्ष ने दावा किया कि वर्ष 2022 में 55 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से खरीदी गई 206 एंबुलेंस एक साल तक नामकुम में बेकार पड़ी रहीं और जनता को इसका कोई लाभ नहीं मिला. इसके बावजूद अब फिर से करीब 80 करोड़ रुपये की नई एंबुलेंस खरीद प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कॉरपोरेशन के गोदामों में करोड़ों रुपये की जीवनरक्षक दवाएं एक्सपायर हो गईं, जबकि मरीज दवाओं के लिए परेशान रहे.
मरांडी ने कोविड काल में ऑक्सीजन टैंक परियोजना में भी गड़बड़ी का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि जिन कंपनियों को ठेका दिया गया, वे तय मानकों और अनुभव की शर्तों को पूरा नहीं करती थीं. इसके बावजूद उन्हें करोड़ों रुपये के टेंडर दिए गए. बाबूलाल मरांडी ने सरकार से मांग की कि JMHIDPCL का दोबारा ऑडिट कराया जाए और ऑडिट रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए. उन्होंने कहा कि कैग रिपोर्ट में सामने आई अनियमितताओं के आधार पर तत्काल एफआईआर दर्ज होनी चाहिए.
मरांडी ने स्वास्थ्य मंत्री, स्वास्थ्य सचिव और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की भी स्वतंत्र जांच कराने की मांग की. उन्होंने कहा कि पूरे मामले की सीबीआई जांच होनी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आए और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो सके. उन्होंने यह भी कहा कि जिस दिन झारखंड में भाजपा की सरकार बनेगी, सभी कथित घोटालों की जांच कराई जाएगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा.