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राज्यभर में वकीलों ने किया कार्य बहिष्कार, काला बिल्ला लगाकर कोर्ट फीस वृद्धि का किया विरोध  

BY -
Prakash Tiwary
Prakash Tiwary
Copy Editor • TheNewsPost.in
PublishedAt: January 13, 2026, 2:01:34 AM

धनबाद(DHANBAD): बार काउंसिल के आह्वान पर आज धनबाद के वकीलों ने न्यायिक कार्यों में हिस्सा नहीं लिया. अधिवक्ता कोर्ट परिसर तो गए, लेकिन कामकाज नहीं किया. साथ ही उन्होंने काला बिल्ला लगाकर कोर्ट फीस में वृद्धि का विरोध किया. वकीलों का कहना है कि सरकार कोर्ट फीस में बढ़ोतरी कर जनता पर आर्थिक बोझ लाद रही है.

बता दें कि कोर्ट फीस में भारी इजाफा किया गया है. अधिवक्ताओं ने बढ़ोतरी को तुरंत वापस लेने की मांग की है. बार काउंसिल के आह्वान पर राज्य के 25,000 से अधिक अधिवक्ताओं ने सोमवार को न्यायिक कार्यों से खुद को अलग रखा. अधिवक्ताओं की मानें तो पहले जहां 5 रुपए कोर्ट शुल्क देना पड़ता था, अब 20 रुपए देने पड़ेंगे. वहीं मुकदमे की नकल के लिए भी अधिक पैसा देना पड़ेगा. निचली अदालतों के वकालतनामा पर कोर्ट फीस 5 से बढ़ाकर 30 रुपए कर दी गई है. लोअर कोर्ट के शपथ पत्र 5 रुपए की जगह 20 रुपए और उच्च न्यायालय में यह 30 रुपए कर दिया गया है. विवाद से संबंधित सूट फाइल करने में अब अधिकतम तीन लाख रुपए कोर्ट फीस लगेगी जबकि पहले पचास हजार रुपए ही थी.

समाज के दबे-कुचले लोग होंगे प्रभावित

वकीलों ने बताया कि दीवानी के साथ-साथ फौजदारी मामलों में केस फाइल करने पर भी खर्च काफी अधिक होगा. धनबाद बार एसोसिएशन के उपाध्यक्ष राजदेव यादव ने कहा कि अगर यह बढ़ोतरी वापस नहीं ली गई तो दबंगों का राज फिर से कायम हो जाएगा और गरीब लोग उनकी शरण में रहने को मजबूर होंगे. महासचिव जितेंद्र कुमार ने कहा कि 4 से 6 गुना कोर्ट फीस में वृद्धि की गई है. अगर इसे वापस नहीं लिया गया तो इसका दूरगामी प्रभाव दबे कुचले लोगों पर पड़ेगा. धनबाद बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अमरेंद्र सहाय ने कहा कि बिना बार काउन्सिल से राय-विचार किए कोर्ट फीस में बेतहाशा वृद्धि कर दी गई है. इससे समाज के दबे-कुचले लोग प्रभावित होंगे. उन्होंने इसे तत्काल वापस लेने की मांग की.

बोकारो में भी वकीलों ने किया विरोध

झारखंड सरकार द्वारा कोर्ट फीस में वृद्धि किए जाने के खिलाफ धनबाद के साथ ही बोकारो जिले के भी अधिवक्ताओं ने झारखंड बार काउंसिल के निर्देश पर काला बिल्ला लगाकर कार्य बहिष्कार किया. इसी को लेकर बोकारो डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष और महासचिव की अगुवाई में बार भवन से उपायुक्त कार्यालय तक एक विरोध मार्च निकाला गया.

वहीं तेनुघाट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष और महासचिव की अगुवाई में अधिवक्ताओं ने भी विरोध मार्च निकाला. विरोध मार्च के दौरान अधिवक्ताओं ने हाथ में तख्ती लेकर सरकार के इस बढ़ोतरी का विरोध किया और राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की. अधिवक्ताओं ने कहा कि कोर्ट फीस के वृद्धि होने से अब आम लोगों को न्याय मिलने में काफी परेशानी होगी. क्योंकि जब लोगों के पास कोर्ट फीस के लिए पैसा नहीं होगा तो वह अपने मामलों की पैरवी भी नहीं करा सकेंगे. ऐसे में पूंजीपति और दबंग लोगों का बोलबाला बढ़ जाएगा. अधिवक्ताओं ने कहा कि हम चाहते हैं कि आम लोग जनप्रतिनिधि इस विधेयक के खिलाफ आगे आएं और सरकार को इस को आदेश को वापस लेने के लिए मजबूर कर दे.

रिपोर्ट : शाम्भवी सिंह और प्रकाश(धनबाद) और संजय कुमार, गोमिया(बोकारो)   

Tags:News

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