रांची (RANCHI): झारखंड सरकार के लाखों कर्मचारी इन दिनों आर्थिक असमंजस का सामना कर रहे हैं, क्योंकि उन्हें अब तक मार्च महीने का वेतन नहीं मिल पाया है. नए वित्तीय वर्ष 2026-27 की शुरुआत के साथ ही वेतन भुगतान में हुई इस देरी ने कर्मचारियों की चिंता बढ़ा दी है. ऐसे में रोजमर्रा के खर्च, कर्ज और पारिवारिक जरूरतों के बीच वेतन न मिलना उनके लिए बड़ी परेशानी और चुनौती बन गया है.
वेतन में देरी के पीछे सबसे अहम कारण विभिन्न राज्यों में चल रहे विधानसभा चुनाव बताए जा रहे हैं. असम सहित पांच राज्यों में चुनावी प्रक्रिया के चलते झारखंड के कई वरिष्ठ अधिकारी और विभागीय सचिव चुनाव ड्यूटी में व्यस्त हैं. इन अधिकारियों की अनुपस्थिति के कारण संबंधित विभागों को समय पर वित्तीय आवंटन नहीं मिल सका, जिससे वेतन वितरण की प्रक्रिया प्रभावित हुई है.
ऐसे में नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत के साथ सचिव स्तर के अधिकारियों का चुनाव में मशगूल होना भी, इस देरी का कारण हो सकता है. ऐसे में जब अधिकारी चुनाव कार्य से लौटेंगे, तो हो सकता है कि विभागों को आवश्यक आवंटन जारी किया जाएगा. इसके बाद वेतन भुगतान की प्रक्रिया तेजी से पूरी होने की उम्मीद है. हालांकि, कर्मचारियों को अभी कुछ और दिनों तक इंतजार करना पड़ सकता है.
इसके अलावा, नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत में वित्त विभाग द्वारा विभिन्न विभागों को बजट आवंटन में भी देरी हुई है, जो वेतन भुगतान में बाधा का एक और कारण बना है. हालांकि, कुछ विभागों—जैसे वित्त विभाग, कार्मिक विभाग और लोकभवन सचिवालय के कर्मचारियों को मार्च का वेतन मिल चुका है. कुल मिलाकर, प्रशासनिक व्यस्तता और वित्तीय प्रक्रिया में देरी ने कर्मचारियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं, और अब सभी की निगाहें आवंटन जारी होने पर टिकी हैं.