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रांची में जमीन की अवैध खरीद बिक्री के खेल में खाता 383 का क्यों आता है बार-बार जिक्र, जानिए  

रांची में जमीन की अवैध खरीद बिक्री के खेल में खाता 383 का क्यों आता है बार-बार जिक्र, जानिए  

रांची(RANCHI):  रांची में लगातार जमीन की अवैध खरीद-बिक्री के मामले सामने आते रहे हैं. इस पूरे खरीद-बिक्री के खेल में दलाल तो शामिल हैं ही, साथ ही कई अधिकारियों के भी मिलीभगत होने की बात होती रही है. इन दलाल और अधिकारियों की मिलीभगत के कारण रांची में लगभग 350 एकड़ से ज्यादा की जमीन को भू-माफिया और दलालों ने सौदा कर डाला. इसमें कमाल की बात ये है कि ये ऐसे जमीन हैं, जिनकी खरीद-बिक्री प्रतिबंधित है. इसी प्रतिबंधित जमीन के खरीद बिक्री के खेल में खाता 383 का जिक्र आता है.

क्या है खाता संख्या 383?

दरअसल, रांची के नगड़ी अंचल के पुनदाग मौजा में खाता संख्या 383 है. इसी खाता संख्या 383 की करीब 350 एकड़ गैरमजरूआ सरकारी जमीन की अवैध खरीद बिक्री को लेकर ये खाता 383 हमेशा चर्चा में रहता है. इसे लेकर कोर्ट में कई केस चल रहे हैं. कई अधिकारियों को कोर्ट ने फटकार भी लगाई है.

क्या है मामला?

खाता संख्या 383 में जमीन की खरीद बिक्री प्रतिबंधित है. मगर, भू-माफिया, दलाल और राजस्व कर्मी और अधिकारियों की ऐसी मिलीभगत है कि प्रतिबंधित लिस्ट में होने के बाद भी इन जमीनों की खरीद बिक्री रांची रजिस्ट्री कार्यालय में की गयी. साथ ही इनका म्यूटेशन भी किया गया. इस मामले में 10 फरवरी 2021 को झारखंड हाईकोर्ट में एक याचिका दाखिल की गई, जिसमें खाता संख्या 383 की प्रतिबंधित गैरमजरूआ जमीन को अतिक्रमण मुक्त करने की मांग की गयी.

पहले तो सरकारी रिकॉर्ड में हेराफेरी कर जमीन की बंदोबस्ती करायी गई. इसके बाद प्लॉटिंग कर जमीन की बिक्री की गई. इसके जरिए जो जमीन बेची गई.  वह पथरीली जमीन है. इसमें छोटे-छोटे पथरीले टीले भी मौजूद हैं. सरकारी रिकॉर्ड में छेड़छाड़ और हेराफेरी भी इस प्रकार की गई कि क्या कहें. इन जमीन के जीतने भी कागज बनाए गए उनके रिकॉर्ड का वॉल्यूम 36 वर्ष 1945 में अंकित गैर मजरूआ जमीन को वॉल्यूम 23 वर्ष 1979 में बदल कर कब्जा दिखाया गया. ताकि दोनों दस्तावेज एक दूसरे के पूरक दिखें.

बांग्लादेशी लोग जबरदस्ती बसे

पुंदाग मौजा के खाता संख्या 383 में कुल 350 एकड़ जमीन को अवैध तरीके से खरीद बिक्री की गई. इस 350 एकड़ जमीन का कुछ हिस्सा इलाही नगर में भी पड़ता है. इलाही नगर में बड़ी संख्या में बांग्लादेशी और बाहर से आए लोग जमीन कब्जा कर रहते हैं, या फिर कुछ जमीन खरीद कर भी बसे हुए हैं. इसे लेकर झारखंड हाई कोर्ट में याचिका भी दाखिल की गई है. याचिककर्ता का आरोप है कि इलाही नगर में लगातार बांग्लादेशी और बाहर के लोगों को साजिशन बसाया जा रहा है.  

इस पूरे मामले में कई अधिकारी और पदाधिकारियों की मिलीभगत की बात भी सामने आती रही है. लेकिन इस पूरे मामले पर सरकार की ओर से कार्रवाई ना होना भी एक बड़ा सवाल करता है. सरकारी कार्रवाई ना होने से कई राजनेताओं के भी इसमें शामिल होने की बात कही जाती रही है. मगर, राजधानी रांची में सरकार और अधिकारी के नांक के नीचे सरकारी जमीन को बेच दिया गया और उसमें भी प्रतिबंधित जमीन को रजिस्टार कर्मी रजिस्ट्री कर देते हैं तो सवाल उठना तो लाजिमी है. कई बार जमीन अतिक्रमण से खाली कराने की भी पहल की गई, लेकिन आज तक इसे अतिक्रमण मुक्त नहीं किया जा सका.   

 

Published at:23 Nov 2022 06:43 PM (IST)
Tags:khata number 383jharkhand land mafiapundag maujaland in pundagilaahi nagar ranchiranchijharkhand
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