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झारखंड की लवली और रूपा के संघर्ष को जानिये, जिन्होंने भारत के लिए लाया गोल्ड

BY -
Shahroz Quamar
Shahroz Quamar
Copy Editor • TheNewsPost.in
Published: August 3, 2022,
Updated: 7:51 AM

रांची (RANCHI): भारतीय महिला लॉन बॉल टीम ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में इतिहास रच दिया है. महिला टीम ने साउथ अफ्रीका को 17-10 से हराकर गोल्ड मेडल हासिल किया. जिसमें झारखंड की दो होनहार बेटियां लवली चौबे और रूपा रानी तिर्की भी शामिल थी. इन दोनों ने टीम को जिताने में अपनी अहम भूमिका अदा की.

झारखंड पुलिस में कॉन्स्टेबल हैं लवली

लवली चौबे रांची के काके से गांधीनगर में अपने परिवार के साथ रहती हैं. लवली चौबे लॉन्ग जम्प की एथलीट रह चुकी हैं. इंजरी की वजह से लवली चौबे ने लॉन्ग जम्प छोड़ दिया और वह लॉन बॉल खेलने लगी और इसी में अपना ध्यान लगा कर प्रदर्शन करने लगी. लवली झारखंड पुलिस में कांस्टेबल की नौकरी कर रही हैं. लवली के पिता पहले सीसीएल में कार्यरत हैं जो कि अब रिटायर हो चुके हैं. लवली को मिलाकर उनके घर में तीन बहन और एक भाई है. इन तीन बहनों में लवली सबसे छोटी है.

कॉमनवेल्थ गेम्स खेलने के लिए झारखंड पुलिस ने नहीं दी छुट्टी

कॉमनवेल्थ गेम्स में खेलने के लिए लवली को झारखंड पुलिस की तरफ से छुट्टी भी नहीं दी गई. लवली को अपने कोटे की छुट्टी से ही खेलने जाना पड़ा. ये सभी खिलाड़ी खुद से ही ग्राउंड की साफ सफाई कर खेलते हैं. ड्यूटी की वजह से प्रैक्टिस भी नहीं कर पाती हैं.

रूपा रामगढ़ में जिला खेल पदाधिकारी 

भारतीय लॉन बॉल महिला टीम में शामिल एक और झारखंड की बेटी रूपा रानी तिर्की रामगढ़ की जिला खेल पदाधिकारी हैं. उनका घर राजधानी रांची के सुजाता चौक के पास है. रूपा रानी सरायकेला जिला की खेल पदाधिकारी थी. जिसके बाद उनका ट्रांसफर रामगढ़ कर दिया गया लेकिन खेल की वजह से उन्होंने अभी तक रामगढ़ जिला खेल पदाधिकारी का पदभार ग्रहण नहीं किया है. रूपा सरकारी स्कूल की शिक्षिका भी रह चुकी हैं. इससे पहले रूपा रानी 2004 से दे बोर्डिंग में रह कर कबड्डी खेलती थी. 2007 से उन्होंने लॉन बॉल खेलना शुरू किया. रूपा के पिता नहीं हैं, उनकी मां ने उनका हर कदम पर सपोर्ट किया. इस वजह से वह आज एक नई मुकाम हासिल कर रही है. उनके पति सरायकेला के पीडब्ल्यूडी विभाग में असिस्टेंट इंजीनियर के पद पर कार्यरत हैं.
पिछले कॉमनवेल्थ गेम्स में लॉन बॉल की टीम एक अंक की वजह क्वार्टर फाइनल में हार गई थी और से पदक से चूक गई थी. लेकिन इस बार टीम ने अपना दमदार प्रदर्शन जारी रखते हुए पदक पक्का किया.

झारखंड के सभी लॉन बॉल खिलाड़ी रांची के नामकोम स्थित आरके आनंद स्टेडियम में प्रैक्टिस करते हैं. सरकार की तरफ से ग्राउंड में किसी भी प्रकार की सुविधा मुहैया नहीं करवाया गया है. लेकिन फिर भी सभी ने अपना शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल हासिल किया है.

रिपोर्ट: नीरज कुमार

Tags:News

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