धनबाद (DHANBAD): नगर निगम चुनाव अब पूरी तरह सियासी रंग में रंग चुका है. अब तक विकास और स्थानीय मुद्दों पर केंद्रित चुनावी बहस अब व्यक्तिगत आरोप-प्रत्यारोप में बदलती दिख रही है. राज्य में सत्तारूढ़ गठबंधन के सहयोगी दल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के बीच बढ़ती बयानबाज़ी ने राजनीतिक तापमान और बढ़ा दिया है.
कांग्रेस का हमला
विवाद की शुरुआत उस वक्त हुई जब कांग्रेस के धनबाद जिलाध्यक्ष संतोष सिंह ने झामुमो समर्थित मेयर प्रत्याशी चंद्रशेखर अग्रवाल पर तीखा हमला बोला. पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने मर्यादा की सीमाएं लांघते हुए अग्रवाल को ‘भटकती आत्मा’ और ‘संघी हाफ पैंटीया’ तक कह दिया.
संतोष सिंह ने आरोप लगाया कि विधानसभा चुनाव के समय से ही चंद्रशेखर अग्रवाल कांग्रेस में घुसपैठ की कोशिश कर रहे थे, लेकिन उन्हें पार्टी में जगह नहीं दी गई. उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस में आरएसएस विचारधारा से जुड़े लोगों के लिए कोई स्थान नहीं है. इसके साथ ही उन्होंने अग्रवाल पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप भी लगाए.
झामुमो का पलटवार
कांग्रेस जिलाध्यक्ष के बयान पर झामुमो ने कड़ी प्रतिक्रिया दी. झामुमो के धनबाद जिलाध्यक्ष लक्खी सोरेन ने इसे गैर-जिम्मेदाराना और दुर्भाग्यपूर्ण बताया. उन्होंने कहा कि झारखंड में गठबंधन सरकार है, इसलिए सहयोगी दलों को सोच-समझकर बयान देना चाहिए. सोरेन ने दो टूक कहा कि पार्टी के निर्देश सर्वोपरि होते हैं और सार्वजनिक मंचों से दिए जाने वाले बयान गठबंधन की मर्यादा को ध्यान में रखकर होने चाहिए.
नगर निगम चुनाव में बढ़ती इस बयानबाज़ी ने सियासी माहौल को और गरमा दिया है. अब देखना यह होगा कि गठबंधन के भीतर यह खींचतान चुनावी नतीजों पर कितना असर डालती है.
रिपोर्ट : नीरज कुमार
