रांची(RANCHI): झारखंड की तीरंदाज बेटियों ने एक बार फिर दुनिया के मंच पर भारत का परचम लहरा दिया है. शंघाई में आयोजित तीरंदाजी विश्व कप के दूसरे चरण में भारतीय महिला रिकर्व टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मेजबान चीन को हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया. इस ऐतिहासिक जीत में दीपिका कुमारी, अंकिता भगत और कुमकुम मोहोद की तिकड़ी ने सटीक निशानेबाजी का प्रदर्शन किया.
फाइनल मुकाबला बेहद रोमांचक और तनाव से भरा रहा. भारतीय टीम ने पहले सेट में बढ़त बनाकर शानदार शुरुआत की, लेकिन चीन ने वापसी करते हुए मुकाबले को बराबरी पर ला दिया. चार सेट खत्म होने तक दोनों टीमें बराबरी पर रहीं, जिसके बाद मुकाबले का फैसला ‘शूट-ऑफ’ से हुआ. निर्णायक क्षणों में भारतीय खिलाड़ियों ने जबरदस्त धैर्य दिखाया और चीन को 5-4 (28-26) से हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया.
इस जीत की सबसे बड़ी नायिका अनुभवी तीरंदाज दीपिका कुमारी रहीं. दबाव भरे माहौल में उन्होंने अंतिम तीर पर अहम नौ अंक हासिल कर भारत की जीत सुनिश्चित की. इस स्वर्ण पदक के साथ दीपिका कुमारी ने एक और बड़ी उपलब्धि अपने नाम कर ली. वर्ष 2010 से अब तक वह विश्व कप में सात टीम स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय तीरंदाज बन गई हैं.
भारतीय टीम की यह जीत इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि टीम ने सेमीफाइनल में तीरंदाजी की सबसे मजबूत टीम माने जाने वाले दक्षिण कोरिया को हराकर बड़ा उलटफेर किया था. दक्षिण कोरिया 10 बार का ओलंपिक चैंपियन रह चुका है. इतनी मजबूत टीम को हराने के बाद भारतीय खिलाड़ियों का आत्मविश्वास काफी बढ़ गया था, जिसका असर फाइनल मुकाबले में भी साफ देखने को मिला.
भारतीय महिला रिकर्व टीम के लिए यह गोल्ड मेडल बेहद अहम है, क्योंकि टीम ने 2021 के बाद पहली बार विश्व कप में स्वर्ण पदक जीता है. इससे पहले टीम 2023 के पेरिस चरण में पोडियम तक पहुंची थी, जिसमें अंकिता भकत की अहम भूमिका रही थी. झारखंड की इन बेटियों की शानदार सफलता से पूरे राज्य में खुशी का माहौल है