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JHARKHAND: मंत्रिमंडल में संख्या को लेकर क्यों बदल रहा गुणा-गणित, पढ़िए इस रिपोर्ट में 

JHARKHAND: मंत्रिमंडल में संख्या को लेकर क्यों बदल रहा गुणा-गणित, पढ़िए इस रिपोर्ट में 

धनबाद (DHANBAD) : झारखंड में मंत्रिमंडल गठन का हर पल गुणा-गणित बदल रहा है. इस बीच कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष दिल्ली पहुंच गए हैं. वैसे, माले का सरकार में शामिल नहीं होने के निर्णय से कांग्रेसी खुश जरूर है, लेकिन उनकी सांसे अटकी हुई भी है. झारखंड मुक्ति मोर्चा के विधायकों की अगर चली, तो कांग्रेस को इस बार केवल तीन मंत्री पद से ही संतोष करना पड़ेगा. लेकिन माले के निर्णय के बाद कांग्रेस की उम्मीद बढ़ना स्वाभाविक है. दरअसल, झामुमो का दबाव है कि मंत्रिमंडल में 5-1 के फार्मूले पर ही काम हो. इससे झारखंड मुक्ति मोर्चा के मंत्रियों की संख्या बढ़ सकती है और कांग्रेस की संख्या घट सकती है. वैसे, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात करने के बाद ही कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष दिल्ली पहुंचे हैं. 

कांग्रेस का डिमांड है कि 5-1 नहीं, बल्कि 4-1 के फार्मूले पर मंत्री पद दिया जाए. 2019 में भी कांग्रेस के 16 विधायक थे और चार मंत्री पद मिला था. 2024 में भी कांग्रेस के 16 विधायक हैं. इसलिए उन्हें चार मंत्री पद मिलना चाहिए. इस बार के चुनाव में झामुमो को सर्वाधिक 34 सीट मिलने के कारण विधायकों का दबाव है कि मंत्री सीटों की संख्या बढ़नी चाहिए. राज्य में कांग्रेस विधायकों की संख्या 16 है, तो झामुमो  विधायकों की संख्या 34 है. इसी आधार पर झारखंड मुक्ति मोर्चा अधिक मंत्रियों के लिए दबाव बना रहा है. कांग्रेस के चार मंत्रियों की मांग का झामुमो के कई विधायक विरोध कर रहे हैं. वैसे, इस मुद्दे पर कांग्रेस का निर्णय साफ है कि आला कमान जो फैसला करेगा, उसे माना जाएगा. देखना होगा कि कांग्रेस आलाकमान कितने मंत्रियों की संख्या पर मुहर लगाते है. 

वैसे माले के निर्णय से कांग्रेस नेताओं की बांछे खिली हुई है. इस बीच सूत्रों का कहना है कि अल्पसंख्यक कोटे से डॉक्टर इरफान अंसारी या पाकुड़ से जीती निसाद आलम को मंत्री बनाया जा सकता है. एससी कोटे से राधा कृष्णा किशोर या सुरेश बैठा मंत्री बन सकते हैं. संथाल से दीपिका पांडे सिंह और प्रदीप यादव के नाम को लेकर भी अटकले चल रही है. उत्तरी छोटा नागपुर से ममता देवी और कुमार जय मंगल की भी चर्चा है. दक्षिणी छोटा नागपुर से रामेश्वर उरांव, नमन विक्सल कोंगाड़ी, राजेश कच्छयप भी रेस  में चल रहे है. झारखंड मुक्ति मोर्चा में मंत्रियों का निर्णय तो हेमंत सोरेन को ही लेना है. इसलिए जो भी करना है, हो सकता है उसे तय कर लिया गया हो. देखना दिलचस्प होगा कि मंत्रिमंडल में किस दल को कितना मंत्री पद मिलता है. 

रिपोर्ट-धनबाद ब्यूरो 

Published at:01 Dec 2024 01:14 PM (IST)
Tags:DhanbadJharkhandMantrimandalmantrisankhya
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