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Jharkhand Politics: कांग्रेस हेमंत सोरेन से मांग रही 34 सीट,पढ़िए कितने सीटों का उसे मिला है ऑफर

Jharkhand Politics: कांग्रेस हेमंत सोरेन से मांग रही 34 सीट,पढ़िए कितने सीटों का उसे मिला है ऑफर

धनबाद(DHANBAD):दुर्गा पूजा में चुनाव का माहौल. सिटिंग विधायकों के साथ-साथ दावेदारों की धड़कनें तेज. भाजपा की पहली सूची तैयार होने की चर्चाओं के बीच इंडिया गठबंधन की तरफ भी चुनाव लड़ने वाले लोगों का ध्यान केंद्रित हुआ है. कई समीकरण बन और बिगड़ रहे हैं. विश्वस्त सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इंडिया गठबंधन का एक मजबूत घटक कांग्रेस झारखंड में 34 सीटों पर चुनाव लड़ने की मांग कर रही है. जबकि कांग्रेस को 25 सीटों का ऑफर दिया गया है .25 सीट पर कांग्रेस चुप रहेगी अथवा नहीं, यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा.

2019 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस 31 सीटों पर चुनाव लड़ी थी. जिसमें उसके 16 विधायक चुनाव जीते थे

 2019 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस 31 सीटों पर चुनाव लड़ी थी. जिसमें उसके 16 विधायक चुनाव जीते थे. स्ट्राइक रेट बहुत बेहतर नहीं कहा जा सकता है. लेकिन इस बार कांग्रेस के अंदर भी समीकरण बदले हैं. कई विधायक दूसरे दलों से कांग्रेस में शामिल हुए हैं. बंधु तिर्की ,प्रदीप यादव, जेपी भाई पटेल के नाम गिनाए जा सकते है.ऐसे में कांग्रेस चाहती है कि सीटों की संख्या बढ़े .झारखंड कांग्रेस के चुनाव प्रभारी गुलाम अहमद मीर के उस बयान को भी इससे जोड़ा जा सकता है कि अगर कांग्रेस के 30 विधायक आए तो रोटेशन पर मुख्यमंत्री बनाए जा सकते हैं. यह बात तो कतई झारखंड मुक्ति मोर्चा को अच्छा नहीं लगा होगा. इसके ठीक बाद 25 सीटों का ऑफर यह बताता है कि कांग्रेस को कम सीट दी जाए .जिससे विधायकों की संख्या अधिक नहीं हो सके.वैसे भी कांग्रेस यह जानती है कि झारखंड में बिना गठबंधन का वह चुनाव अगर लड़ेगी, तो उसके खाते में सीटों की संख्या बहुत कम हो जाएगी. झारखंड में कांग्रेस को अपनी जमीन मजबूत करने का अभी भी इंतजार है. 

चर्चा तो तेज है कि भाजपा भी अपने कई सिटिंग विधायकों को टिकट नहीं देगी

इधर, इस बात से भी इनकार नहीं किया जा सकता है कि झारखंड में सूची जारी होने के बाद आया राम, गया राम का सिलसिला तेज होगा. सिटिंग एमएलए पर पार्टियां क्या रुख हथियार करती हैं. इस पर बहुत कुछ निर्भर करेगा. वैसे चर्चा तो तेज है कि भाजपा भी अपने कई सिटिंग विधायकों को टिकट नहीं देगी, तो कांग्रेस के साथ भी कुछ ऐसी ही बात चल रही है. वैसे तो झारखंड में हर एक पार्टियां नए चेहरे को उतारने पर विश्वास कर रही है. चुकी इस बार झारखंड में विधानसभा का चुनाव कांटे का होगा, एक-एक सीट महत्वपूर्ण होगा. झारखंड के सभी सीटों पर गणित पार्टियों ने बैठा ली है. उस गणित के हिसाब से अब काम शुरू होगा. इंडिया गठबंधन को भी समीकरण साधने में थोड़ी परेशानी होगी. क्योंकि माले इस बार गठबंधन में तो शामिल रहेगा ही, एके राय की पार्टी भी माले में शामिल हो गई है. इसलिए वह जरूर चाहेगी कि उन्हें भी तीन या चार सीट मिले. झारखंड मुक्ति मोर्चा भी चाहेगा कि अधिक से अधिक सीटों पर चुनाव लड़ा जाए. झारखंड मुक्ति मोर्चा के कई विधायक सांसद बन गए हैं. उनकी जगह पर नए उम्मीदवारों का चयन होगा तो भाजपा के भी कई विधायक सांसद बन गए हैं. वहां भी नए चेहरों का चयन होगा. भाजपा की नजर कोल्हान और संथाल पर अधिक है, क्योंकि कोल्हान और संथाल परगना के रास्ते ही झारखंड में सत्ता का ताला खुलता है .भाजपा चाहेगी कि इस चुनाव में बेहतर प्रदर्शन किया जाए. यह भी चर्चा तेज है कि पहली सूची में ही झारखंड में हाशिए पर गए कुछ पूर्व सांसदों को भी चुनाव के लिए उतारा जा सकता है. इन नाम में रविंद्र पांडे, रविंद्र राय, सुनील सोरेन के नाम बताए जा रहे हैं. झारखंड मुक्ति मोर्चा छोड़कर भाजपा में गई सीता सोरेन और उनकी बेटी को भी टिकट बीजेपी दे सकती है. यह बात तो सच है कि हरियाणा पैटर्न झारखंड में अगर भाजपा अपनाती है तो कई विधायकों का टिकट कट सकता है. उम्मीद की जानी चाहिए कि दो-तीन दिनों के भीतर भाजपा अपनी पहली सूची जारी कर देगी.

हेमंत सोरेन की दिल्ली में कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व से मुलाकात को भी इसी से जोड़कर देखा जा रहा है

 इधर, इंडिया गठबंधन में भी भीतर ही भीतर तैयारी चल रही है. हेमंत सोरेन की दिल्ली में कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व से मुलाकात को भी इसी से जोड़कर देखा जा रहा है. झारखंड में भाजपा ने अभी से ही फौज उतार दिया है, तो इंडिया गठबंधन भी अपनी तैयारी के साथ आगे बढ़ रहा है .देखना दिलचस्प होगा कि चुनाव आते-आते प्रचार कितना तीखा होता है. बीजेपी झारखंड में प्रधानमंत्री के चेहरे पर ही चुनाव लड़ेगी, यह बात अब धीरे-धीरे साफ होने लगी है .इंडिया गठबंधन के पास लोकल नेताओं की फौज रहेगी. अब देखना है कि कांग्रेस के डिमांड के अनुसार सीटें मिलती है अथवा 25 सीट पर ही कांग्रेस को संतोष करना पड़ता है.

रिपोर्ट-धनबाद ब्यूरो

Published at:12 Oct 2024 10:11 AM (IST)
Tags:Jharkhand congressHemant SorenJmmIndia allianceJharkhand politiscTrending newsJharkhandJharkhand newsJharkhand news todayDhanbadDhanbad newsDhanbad news today
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