रांची: झारखंड पुलिस एसोसिएशन ने राज्य के पुलिसकर्मियों और अधिकारियों के लंबे समय से रुके भत्ते तथा प्रमोशन से जुड़ी समस्याओं के समाधान को लेकर मुख्यमंत्री को विस्तृत मांग पत्र सौंपा है. एसोसिएशन के प्रदेश संयुक्त सचिव राकेश कुमार पांडेय की ओर से भेजे गए इस पत्र में कहा गया है कि पिछले छह वर्षों से पुलिसकर्मी अपनी मांगों को लेकर लगातार सरकार का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं, लेकिन अब तक इसका कुछ निष्कर्ष नहीं हुआ है.
एसोसिएशन का कहना है कि पड़ोसी राज्य बिहार में पुलिसकर्मियों के मनोबल को मजबूत करने के लिए भत्तों में बढ़ोतरी की गई है, जबकि झारखंड में आज भी police बल पुराने और बेहद कम दरों पर मिलने वाले भत्तों के सहारे काम करने को मजबूर हैं.
भत्तों में बढ़ोतरी की प्रमुख मांगें
महंगाई और पुलिसकर्मियों की 24 घंटे की कठिन ड्यूटी को देखते हुए एसोसिएशन ने कई भत्तों में संशोधन की मांग की है.
- आरक्षी से इंस्पेक्टर स्तर तक मिलने वाला वर्दी भत्ता, जो वर्तमान में 4 हजार से 4500 रुपये प्रतिवर्ष है, उसे बढ़ाकर 12 हजार रुपये वार्षिक करने की मांग की गई है.
- राशन भत्ता 2 हजार रुपये प्रति माह से बढ़ाकर 5 हजार रुपये प्रति माह करने की मांग रखी गई है.
- विशेष कर्तव्य भत्ता, जो अभी 65 से 100 रुपये प्रति माह मिलता है, उसे बढ़ाकर 1 हजार रुपये प्रति माह करने की मांग की गई है.
- धुलाई भत्ता 100 रुपये प्रतिमाह से बढ़ाकर 1 हजार रुपये प्रतिमाह करने का प्रस्ताव रखा गया है.
- तकनीकी भत्ता, जो फिलहाल 45 से 75 रुपये प्रति माह है, उसे बढ़ाकर 3 हजार रुपये प्रतिमाह करने की मांग की गई है.
- आरमोरर भत्ता 40 रुपये से बढ़ाकर 1 हजार रुपये प्रतिमाह करने की मांग की गई है.
- दो बच्चों के लिए शिक्षण भत्ता शुरू कर 2500 रुपये प्रतिमाह देने की मांग की गई है.
- मेडल भत्ता 3 हजार रुपये करने की मांग भी पत्र में शामिल है.
इसके अलावा एसोसिएशन ने मांग की है कि जंगल और पहाड़ी जैसे दुर्गम क्षेत्रों में तैनात सभी पुलिसकर्मियों को बेसिक वेतन का 15 प्रतिशत विशेष लाभ दिया जाए. वहीं पुलिस प्रशिक्षण संस्थानों में कार्यरत जवानों और अधिकारियों को मूल वेतन का 15 प्रतिशत प्रशिक्षण भत्ता देने की भी मांग उठाई गई है.
आईआरबी जवानों और प्रमोशन को लेकर चिंता
एसोसिएशन ने पत्र में आईआरबी जवानों की सेवा अवधि को लेकर भी चिंता जताई है. वर्तमान में इन जवानों की सेवा अवधि केवल 20 वर्ष निर्धारित है, जिसे बढ़ाकर 60 वर्ष करने की मांग की गई है.
विशेष शाखा में नियुक्त 2018 बैच के सब इंस्पेक्टरों की क्लोज कैडर समस्या का जल्द समाधान करने की अपील भी सरकार से की गई है.
एसोसिएशन का कहना है कि आरक्षी से लेकर पुलिस निरीक्षक स्तर तक प्रमोशन की प्रक्रिया बेहद जटिल बनी हुई है. कई पुलिसकर्मी 20 से 25 वर्षों तक एक ही पद पर कार्य करने के बावजूद पदोन्नति का इंतजार कर रहे हैं. मांग की गई है कि रोस्टर प्रक्रिया को जल्द पूरा कर पुलिसकर्मियों को समय पर प्रमोशन का लाभ दिया जाए.