✕
  • News Update
  • Trending
  • Jharkhand
  • Bihar
  • Politics
  • Business
  • Sports
  • National
  • Crime Post
  • Life Style
  • Health Post
  • Foodly Post
  • TNP Special Stories
  • Big Stories
  • Know your Neta ji
  • Entertainment
  • Know Your MLA
  • Art & Culture
  • Tour & Travel
  • Local News
  • Special Stories
  • TNP Photo
  • Techno Post
  • covid -19
  • LS Election 2024
  • TNP Explainer
  • International
  • Blogs
  • Education & Job
  • Special Story
  • Religion
  • Top News
  • Latest News
  • Lok Sabha Chunav 2024
  • YouTube
☰
  1. Home
  2. /
  3. News Update

Jharkhand Election 2024:संथाल में   झामुमो  छोड़ने वाले क्यों चले जाते है हाशिये पर ,पढ़िए डिटेल्स में !!

BY -
Satya Bhushan Singh   Dhanbad
Satya Bhushan Singh Dhanbad
Copy Editor • TheNewsPost.in
PublishedAt: January 14, 2026, 2:13:09 AM

धनबाद(DHANBAD): संथाल में जिसकी चलेगी, वहीं सरकार बनाएगा.  इस बीच एनडीए ने पाकुड़ सीट  को आजसू  के खाते में डाल दिया है. कांग्रेस से यहां आलम गीर  आलम चुनाव लड़ते रहे है.   फिलहाल वह जेल में है.  पाकुड़ सीट आजसू  के खाते में जाने के बाद भाजपा खेमे में सब कुछ ठीक-ठाक नहीं है.  इधर, एक चर्चा यह भी  है कि आखिर क्या वजह है कि झारखंड मुक्ति मोर्चा को छोड़कर भाजपा में जाने वाले संथाल परगना के कोई भी नेता सफल नहीं होते.  इसके कारण तो कई गिनाये  जाते है.  उदाहरण के तौर पर कहा  जाता है कि हेमलाल मुर्मू भाजपा के टिकट पर 2014 में राजमहल सीट पर चुनाव लड़े और हार गए.  इसी तरह झामुमो  नेता साइमन मरांडी भी भाजपा में शामिल हुए.  दोनों नेताओं को सफलता नहीं मिली. 

हेमलाल मुर्मू तो फिर झामुमो में वापस आ गए  है 

 हेमलाल मुर्मू तो झामुमो में लौट  आये.  2024 के लोकसभा चुनाव में शिबू सोरेन की बड़ी बहू भाजपा के टिकट पर दुमका से लोकसभा की उम्मीदवार बनी.  लेकिन उन्हें भी हार  का सामना करना पड़ा.  जबकि इसके पलट  कोल्हान में भाजपा छोड़ कर दूसरे दल में शामिल नेताओं की किस्मत चमकती  रही है. इधर ,आज रांची का माहौल कुछ अलग दिख रहा है. झामुमो और कांग्रेस 70 सीटों पर लड़ने की घोषणा की है. हालांकि यह साफ़ नहीं किया गया है कि कौन कितनी सीटों पर चुनाव लड़ेगा. इधर ,राजद ने भी आज एकला चलो का नारा बुलंद कर दिया है.इंडिया ब्लॉक में सीट शेयरिंग की बात फिलहाल तनावपूर्ण बनी हुई है.  एनडीए  ने शुक्रवार को सीट शेयरिंग की घोषणा कर दी है. 

एनडीए इस बार पुरानी गलतियों से बचने की कोशिश की है 
 
इस बार एनडीए उन गलतियों से बचने की कोशिश की है ,जिस वजह से 2019 में सत्ता  उसके हाथ से फिसल गई थी.  पिछले चुनाव में लोहरदगा को लेकर भाजपा और आजसू  में ठन  गई थी.  नतीजा हुआ कि गठबंधन टूट गया.  गठबंधन टूटने के बाद आजसू ने  53 सीटों पर प्रत्याशी उतार दिए.  उस समय आजसू  ने सभी दलों के बागियों  को टिकट दिया.  वहीं भाजपा ने पुराने संबंधों की दुहाई देते हुए सिल्ली  को छोड़कर 79 सीटों पर प्रत्याशी दिए.  एक सीट तब लोजपा को दी गई थी.  भाजपा और आजसू  की आपसी विवाद  का परिणाम हुआ कि एनडीए को सीधे कई  सीटों का नुकसान उठाना पड़ा.  इसका सीधा फायदा इंडिया ब्लॉक को हुआ.  भाजपा केवल 25 सीट  पर ही सिमट गई.  और आजसू  को केवल तीन सीट ही मिली.  इतना ही नहीं   2019 के पहले पार्टी बदलकर आजसू  में टिकट के लिए आए सारे नेता चुनाव हार गए थे. 

रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो  

Tags:DhanbadChunawPartySanthalJharkhand assembly electionJharkhand assembly election 2024

© Copyrights 2023 CH9 Internet Media Pvt. Ltd. All rights reserved.