रांची (RANCHI) झारखंड मंत्रिपरिषद की बैठक मंगलवार, 10 जनवरी 2023 को अपराह्न 4:00 बजे से झारखंड मंत्रालय में होगी. मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में इस कैबिनेट में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए जायेंगे. नए वर्ष में झारखंड कैबिनेट की यह पहली बैठक होगी. यह सूचना मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग (समन्वय) द्वारा दिया गया है.
जेपीएससी में तीन सदस्यों की बनाई गई है कमिटी
नई नियोजन निति को लेकर राज्य सरकार इन दिनों गंभीर है. रोजगार को लेकर सरकार गंभीर मुद्रा में हैं. बीच का रास्ता निकालने और विवादों से दूर रखकर नियोजन नीति बनाने के मूड में सरकार इन दिनों है. जेपीएससी की भी अलग से कमिटी बनाई गई है, जिसमें 15 दिनों का समय सदस्यों को दिया गया है. सरकार नए वर्ष में छात्र, और बेरोजगारों को रोजगार देने के लिए प्रयास में जुट चुकी है.
सुप्रीम कोर्ट ने नियोजन निति को किया था खारिज
हेमंत सोरेन की सरकार ने 2021 में नियोजन नीति बनायी थी. इसमें यह प्रावधान था कि थर्ड और फोर्थ ग्रेड की नौकरियों में सामान्य वर्ग के उन्हीं लोगों की नियुक्ति हो सकेगी, जिन्होंने 10वीं और 12वीं की परीक्षा झारखंड से पास की हो. रांची हाई कोर्ट ने इसे असंवैधानिक माना है और कहा है,कि यह समानता के अधिकार के खिलाफ है. हाईकोर्ट के इस निर्णय के बाद नयी नियोजन नीति के प्रावधानों के अनुरूप हो चुकी या होने वाली वाली तकरीबन 50 हजार नियुक्तियों पर सीधा असर पड़ा है. राज्य के पहले मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने स्थानीयता बनायी थी. राज्य में भारी विवाद के बाद उसे भी कोर्ट ने रद्द कर दिया था. इस बार हेमंत सोरेन ने भी 1932 के खतियान के आधार पर ही स्थानीयता नीति बनाने की तैयारी की है, यह जानते और स्वीकारते हुए कि अदालत में इस पर हथौड़ा चल सकता है.
हजारों की संख्या में अभ्यर्थियों ने विधानसभा का किया था घेराव
विधानसभा शीतकालीन सत्र के दौरान हजारों की संख्या में अभ्यर्थियों ने 21 दिसंबर को विधानसभा का घेराव किया था. घेराव के दौरान अभ्यर्थियों ने राज्य सरकार से नियोजन नीति और युवाओं को लगातार रोजगार का वादा करने के बाद भी रोजगार मुहैया नहीं कराने पर छात्र उग्र होकर आंदोलन को विवश हो गए थे. आंदोलन में राज्य के श्रम मंत्री सत्यानंद भोक्ता, विधायक बिनोद सिंह, विधायक लंबोदर महतो, विधायक दीपिका पांडे, विधायक सुदिव्य सोनू ने अभ्यर्थियों के आंदोलन को भरोसा दिलाकर प्रदर्शन को समाप्त कराया था. अभ्यर्थियों की मांगों पर सहमती दी थी और जल्द ही नियुक्ति को लेकर आश्वाशन दिया था.
