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Jharkhand Bjp Politics: मुख्य सचेतक, सचेतकों के घोषणा में ओबीसी फैक्टर कैसे रहा हावी, पढ़िए

BY -
Satya Bhushan Singh   Dhanbad
Satya Bhushan Singh Dhanbad
Copy Editor • TheNewsPost.in
PublishedAt: January 12, 2026, 2:39:08 AM

धनबाद(DHANBAD): बीजेपी झारखंड में ओबीसी वोट बैंक की गोलबंदी में लगी हुई है.  यही वजह है कि प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी भी किसी ओबीसी नेता  के पास ही जाएगी,  ऐसी चर्चा खूब चल रही है.  बाबूलाल मरांडी को नेता प्रतिपक्ष बनाए जाने के बाद नए प्रदेश अध्यक्ष की घोषणा फिलहाल लंबित है.  इधर, भाजपा ने बीजेपी के हटिया से विधायक नवीन जायसवाल को मुख्य सचेतक और विधायक राज सिन्हा  और नागेंद्र महतो को सचेतक बनाया है.  यहां भी भाजपा ओबीसी वोट बैंक को सामने रखकर चयन किया है.  मुख्य सचेतक और सचेतक की सूची में से दो पिछड़े वर्ग से हैं, तो एक अगड़ी जाति के है. 

पिछली बार भी इसी  तरह का गणित बैठाया गया था 
 
इसके पहले पिछले विधानसभा कार्यकाल में विरंची  नारायण मुख्य सचेतक और जेपी  पटेल और अनंत ओझा को सचेतक बनाया गया था.  मतलब इस बार भी पुरानी गणित को ही दोहराया गया है.  भाजपा ने मानसून सत्र के पहले यह  बड़ा फैसला लिया है.  नवीन जायसवाल हटिया से लगातार चौथी बार के विधायक है.  राज सिन्हा  धनबाद से लगातार तीन बार जीत दर्ज करने वाले विधायक है.  तो नागेंद्र महतो गिरिडीह के बगोदर विधानसभा क्षेत्र से विधायक है.  इधर, झारखंड में भाजपा नेताओं का कहना है कि  अटल जी के प्रयास से झारखंड अलग राज्य बना. 

अटल क्लीनिक का नाम बदले पर भाजपा गुस्से में 

अब  उन्हीं के नाम पर राजनीति की जा रही है.  यदि वह प्रधानमंत्री नहीं होते, तो झारखंड अलग नहीं होता.  ऐसे में उनके नाम पर राजनीति नहीं की जानी चाहिए.  अटल क्लीनिक का नाम बदलकर मदर टेरेसा क्लीनिक करने पर भाजपा नेताओं में तीखी प्रतिक्रिया है.  उनका कहना है कि सरकार को अगर मदर टेरेसा के नाम पर कोई योजना लाना था, तो कोई नई योजना ला सकती थी.  लेकिन सरकार ने ऐसा नहीं किया.  इधर, धनबाद में राज सिन्हा  को सचेतक बनाए जाने पर कार्यकर्ताओं ने खुशी जाहिर की है.  पटाखा फोड़कर और माला पहनाकर  उनका स्वागत किया गया है. 

रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो 

Tags:DhanbadJharkhandBJPPoliticsSachetak

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