रांची (RANCHI): झारखंड विधानसभा के सत्र की कार्यवाही शुरू होते ही शुक्रवार को सत्ता पक्ष के विधायकों ने एलपीजी गैस, पेट्रोल और डीजल की कथित कमी को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया. कई विधायक हाथों में सिलेंडर का कटआउट लेकर सदन परिसर पहुंचे और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की, इस दौरान प्रधानमंत्री के खिलाफ भी विरोध के स्वर सुनाई दिए.
इस मुद्दे पर विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली. भाजपा विधायक बाबूलाल मरांडी ने कहा कि राज्य सरकार के मंत्री सिर्फ नौटंकी कर रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस देश में अराजक स्थिति पैदा कर रही है और विधानसभा में अनावश्यक हंगामा किया जा रहा है.
वहीं विधायक प्रदीप यादव ने केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की किल्लत केंद्र की गलत नीतियों का परिणाम है. उन्होंने कहा कि स्कूलों में मध्यान्ह भोजन भी प्रभावित हो रहा है. साथ ही भाजपा नेताओं से अपील की कि अगर उन्हें शर्म है तो वे अपने शीर्ष नेतृत्व को झारखंड की स्थिति से अवगत कराएं.
इस बीच विधानसभा अध्यक्ष ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि यह मुद्दा सदन की कार्यसूची के अनुसार नहीं है और व्यवस्था बनाए रखने की अपील की.
वहीं विधायक सरयू राय ने राज्य सरकार के दावों का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार खुद कह रही है कि पेट्रोल, डीजल और गैस के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है और आपूर्ति हो रही है. उन्होंने कहा कि अगर सब कुछ उपलब्ध है तो सरकार खुद ही अपने राज्य में संकट का माहौल क्यों बना रही है.
बहस के दौरान प्रदीप यादव ने कहा कि या तो व्यवस्था में सुधार किया जाए या प्रधानमंत्री को इस्तीफा देना चाहिए. वहीं बाबूलाल मरांडी ने फिर दोहराया कि कांग्रेस के नेता संसद में चर्चा से बचते हैं और यहां हंगामा कर रहे हैं. सदन में इस मुद्दे को लेकर कुछ देर तक बहस जारी रही.