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Jharkhand Assembly Election : चर्चा तेज क्यों है कि 2024 का चुनाव हेमंत VS हिमंता होगा, पढ़िए विस्तार से !

BY -
Satya Bhushan Singh   Dhanbad
Satya Bhushan Singh Dhanbad
Copy Editor • TheNewsPost.in
PublishedAt: January 12, 2026, 7:01:40 PM

धनबाद(DHANBAD) : दुर्गा पूजा का समापन हो गया. झारखंड के बैंक भी बम बम बोले तो बाजार भी बम बम बोलता रहा. अब जिधर आप जाएंगे, चुनाव की ही चर्चा सुनने को मिलेगी. जयराम महतो की पार्टी को छोड़कर अभी तक किसी ने उम्मीदवारों की कोई सूची जारी नहीं की है. लेकिन चर्चाएं तो बहुत है.  झारखंड में इस बार चुनाव हेमंत सोरेन बनाम  हिमंता विश्व सरमा  होने जा रहा है. इसमें न भाजपा वालों को कोई संदेह है और न इंडिया ब्लॉक के लोगो को. चाहे  टिकट के बंटवारे  की बात हो अथवा दूसरे दलों  में तोड़फोड़ करने की बात हो. इन्हीं दोनों की चल रही है और आगे भी चलेगी. वैसे इंडिया ब्लॉक अभी तोड़फोड़ का कोई रुख दिखलाया नहीं है. भाजपा में कहने के लिए तो केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान चुनाव प्रभारी हैं और असम के मुख्यमंत्री हिमंता  विश्व सरमा  सह  प्रभारी है. लेकिन हिमंता  विश्व शर्मा की ही चल रही है.  चाहे वह चंपाई  सोरेन को भाजपा में शामिल कराने  की बात हो अथवा अन्य कोई फैसला. हिमंता  विश्व शर्मा की ही चल रही है.

2019 में हारी हुई सीटें है भाजपा के टारगेट में 
 
वैसे, इस बार चुनाव की राजनीति अलग-अलग ढंग से बनाई  जा रही है. 2019 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी हारी हुई सीटों को टारगेट में रखकर चल रही है. पिछले चुनाव में भाजपा को 25 सीट, झारखंड विकास मोर्चा को तीन सीट और आजसू  को दो सीट मिली थी. इन दलों  में 2019 में गठबंधन नहीं था.  मतलब वर्तमान स्थिति में भाजपा  गठबंधन के पास 31 विधायक है. ऐसे में शेष बची  50 सीटों के लिए भाजपा एड़ी चोटी एक किए हुए है.  50 सीटों पर अलग-अलग ढंग से गणित बैठाया जा रहा है. भाजपा तो हारी  हुई सीटों पर चुनाव जीतने का समीकरण बैठा रही है, तो इंडिया ब्लॉक सीट बचाने के लिए सब कुछ दाव पर लगाने को तैयार है. 2019 के विधानसभा चुनाव में झारखंड मुक्ति मोर्चा ने 43 सीटों पर चुनाव लड़ा था और उसे 30 जगहों  पर सफलता मिली थी. कांग्रेस 31 सीटों पर चुनाव लड़ी थी और उसके 16 विधायक जीते थे. राजद  8 सीटों पर चुनाव लड़ा था और उसके एक विधायक चुनाव जीत पाए थे. 

2019 में नहीं था आजसू के साथ गठबंधन 

इधर, पिछली बार भाजपा का आजसू  के साथ गठबंधन नहीं था.  भाजपा सभी सीटों पर चुनाव लड़ी लेकिन मात्र 25 सीट ही जीत पाई.  यहां तक की जमशेदपुर पूर्वी से मुख्यमंत्री रहते हुए रघुवर दास चुनाव हार गए और उसके बाद तो झारखंड का राजनीतिक समीकरण ही बदल गया. अब इस बार भाजपा 50 हारी हुई सीटों पर विशेष योजना लेकर मैदान में है.  सत्ता पक्ष के लोगों पर भी भाजपा की नजर है.  ऐसी बात नहीं है कि इसकी जानकारी इंडिया ब्लॉक को नहीं है. इंडिया ब्लॉक वाले भी इस बात  को समझ रहे हैं और इसके लिए इस बार चुनाव की बागडोर हेमंत सोरेन पूरी तरह से अपने हाथों में रखने की कोशिश कर रहे है. ताबड़तोड़ योजनाएं लागू की जा रही है. भाजपा के हर चाल  की काट  खोजने के लिए टीम लगा दी गई है. देखना दिलचस्प होगा कि हेमंत सोरेन बाजी मारते हैं अथवा हेमंत विश्व सरमा भाजपा को सत्ता तक पहुंचाते है. 

रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो 

Tags:DhanbadChunawHemant SorenHimanta wishawa sharmaparty

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