रांची(RANCHI): झारखंड में प्लेन क्रैश मामले में अब चौकने वाला खुलासा सामने आया है. पहले पुरानी एयरक्राफ्ट को एम्बुलेंस बना कर इस्तेमाल करने का मामला सामने आया तो अब इसमें बड़ा खेल होने का दावा नेता प्रतिपक्ष ने किया है.
सबसे पहले बात इस एयर एम्बुलेंस की कर लेते है. एयर एम्बुलेंस की शुरुआत झारखंड सरकार ने की थी. जिससे झारखंड के मध्यम वर्ग के लोगों और गरीबों को भी जरूरत पड़ने पर एयर लिफ्ट किया जा सके. दावा किया कि सब्सिडी पर एम्बुलेंस मुहैया कराया जाएगा.
लेकिन हकीकत में यह एम्बुलेंस कबाड़ थी. 10-20 साल नहीं बल्कि 40 साल पुरानी एयर क्राफ्ट को हायर कर कंपनी ने सरकार के साथ एमओयू किया था. जिससे यहां के लोगों को एयर एम्बुलेंस की सेवा दी जा सके. लेकिन एयर एम्बुलेंस का लाभ रसुखदार और नेताओं तक ही सीमित रह गई.
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा एयर एंबुलेंस मामले में अब तक सब्सिडी का लाभ मात्र 12 लोगों को मिला. उसमें 4 सरकार के मंत्री रहे. सरकार ढिंढोरा पीटती है पर लाभ नहीं मिलता. किस प्रकार से लापरवाही बरती गई, सरकार एयर एंबुलेंस कंपनी पर कार्रवाई करे ताकि आगे इस तरह से नहीं हो. अप्रैल 2023 से सब्सिडी का मात्र 12 लोग ने लिया तो ये लाभ जनता को नहीं मिल रहा था सिर्फ पोस्टर बैनर तक सीमित है. जांच हो , प्लेन हादसे में जो मुआवजा मिलता है मिलना ही चाहिए.
