जमशेदपुर (JAMSHEDPUR): जमशेदपुर अब झारखंड का पहला शहर बन गया है, जहां डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने के लिए बैटरी चालित वाहनों का उपयोग होगा. यह पहल ऐसे समय में हुई है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार पेट्रोल और डीजल की खपत कम करने तथा वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों को अपनाने पर जोर दे रहे हैं. जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय की पहल पर शहर में यह नई व्यवस्था लागू की गई है.बुधवार को जेएनएसी ( जमशेदपुर नोटिफाइड एरिया समिति) कार्यालय परिसर में विधायक निधि से खरीदे गए छह बैटरी चालित कूड़ा उठाने वाले वाहनों का उद्घाटन किया गया. विधायक सरयू राय ने हरि झंडी दिखाकर और नारियल फोड़कर इन वाहनों को सेवा के लिए रवाना किया गया. इस अवसर पर जेएनएसी के उप नगर आयुक्त कृष्ण कुमार भी उपस्थित थे. इन वाहनों के शुरू होने से अब शहर की संकरी गलियों तक सफाई व्यवस्था पहुंच सकेगी, जहां बड़े डीजल वाहन आसानी से नहीं जा पाते थे.
14.70 लाख रुपए हुए खर्च
बैटरी चालित 6 वाहनों को 14.70 लाख रुपए की लागत से खरीदा गया है. मौके पर विधायक ने कहा कि कुछ वर्ष पहले मैंने उत्तरप्रदेश के कुशीनगर में बैटरी से चलने वाले वाहनों से कूड़ा उठाने की व्यवस्था देखी थी. वहां के सफल प्रयोग से प्रेरित होकर उन्होंने जमशेदपुर में भी इस मॉडल को लागू करने की योजना बनाई. करीब एक वर्ष की प्रक्रिया के बाद अब यह सुविधा शुरू हो सकी है. उन्होंने कहा कि आज के समय में बैटरी चालित वाहनों की जरूरत इसलिए भी बढ़ गई है क्योंकि देश स्तर पर पेट्रोल-डीजल की बचत एक बड़ी प्राथमिकता बन चुकी है. प्रधानमंत्री की अपील के अनुरूप यदि नगर निकाय ऐसे विकल्प अपनाते हैं, तो न केवल ईंधन की खपत कम होगी बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिलेगी. बैटरी वाहन बिना धुआं छोड़े काम करते हैं और इनके संचालन में पेट्रोल या डीजल की आवश्यकता नहीं पड़ती. सरयू राय ने उम्मीद जताई कि जेएनएसी की इस पहल से प्रेरित होकर झारखंड के अन्य नगर निकाय भी बैटरी चालित वाहनों को अपनाएंगे. इससे साफ-सफाई व्यवस्था मजबूत होगी, ईंधन की बचत होगी और शहरों में प्रदूषण भी कम होगा. जमशेदपुर की यह पहल राज्य में स्वच्छता और हरित ऊर्जा की दिशा में एक नई शुरुआत मानी जा रही है.