✕
  • News Update
  • Trending
  • Jharkhand
  • Bihar
  • Politics
  • Business
  • Sports
  • National
  • Crime Post
  • Life Style
  • Health Post
  • Foodly Post
  • TNP Special Stories
  • Big Stories
  • Know your Neta ji
  • Entertainment
  • Know Your MLA
  • Art & Culture
  • Tour & Travel
  • Local News
  • Special Stories
  • TNP Photo
  • Techno Post
  • covid -19
  • LS Election 2024
  • TNP Explainer
  • International
  • Blogs
  • Education & Job
  • Special Story
  • Religion
  • Top News
  • Latest News
  • Lok Sabha Chunav 2024
  • YouTube
☰
  1. Home
  2. /
  3. News Update

जादोपटिया चित्रकार नीलम नीरद को मिला भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय का सीनियर फेलोशिप अवार्ड

BY -
Aditya Singh
Aditya Singh
Copy Editor • TheNewsPost.in
PublishedAt: January 14, 2026, 1:16:31 AM

दुमका (DUMKA): झारखंड की प्रख्यात कलाकार नीलम नीरद को भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय का प्रतिष्ठित सीनियर फेलोशिप अवार्ड मिला है. यह अवार्ड संस्कृति के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले विशिष्ट कला-साधकों को दिया जाता है. जिसका चयन राष्ट्रीय स्तर पर होता है. उन्हें यह फेलोशिप दो वर्षो के लिए मिला है, जिसे योजना के अनुसार छह माह का अतिरिक्त विस्तार दिये जाने का भी प्रावधान है. यह फेलोशिप संताल जनजाति के भित्ति चित्रों के शोध पूर्ण चित्रांकन, रूपांकन, संवर्धन और विस्तार तथा इसके नवोन्मेष के लिए दिया गया है. नीलम जनजातीय चित्रकला के व्यावसायिक मूल्यों को बढ़ाने तथा इसकी पारंपरिक पहचान को अक्षुण्ण रखने के लिए काम करेंगी. नीलम झारखंड की जनजातीय लोक चित्रकला 'जादोपटिया पेंटिंग’ की कलाकार हैं और जनजातीय चित्रकला के क्षेत्र में राष्ट्रीय पहचान रखती हैं. इन्हें जादोपटिया पेंटिंग के कलाकार के रूप में कई सम्मान मिल चुका हैं. राष्ट्रीय चित्रकला शिविरों और प्रदर्शनियों में इनकी उल्लेखनीय भागीदारी रही है.

 

नीलम नीरद दो दशक से इस पेंटिंग को बचाने, इसे समृद्ध करने और इसके प्रसार में लगी हुई हैं. नीलम नीरद स्क्रॉल पेंटिंग तो बनाती ही हैं.  ज्यादा-से-ज्यादा लोगों तक इस पेंटिंग की पहुंच और सहज प्रदर्शन के लिए वे हर विषय के अलग-अलग संदर्भ की पेंटिंग छोटे-बड़े कैनवास पर बनाती हैं. कागज से लेकर कैनवास, कपड़े, ड्रेस मटेरियल, दैनिक उपयोग के सामान, समाजवट के सामान, फाइल, बैग, टी-कॉस्टर, वॉल हैंगिंग इन सभी पर वे इसे चित्रित कर रही हैं. दुमका की नीलम नीरद को यह फेलोशिप मिलने पर बधाई देने वालों का तांता लगा है.

झारखंड की जनजातीय लोक चित्रकला शैली है जोदोपटिया

ज्ञात हो कि जादोपटिया चित्रकला शैली झारखंड की जनजातीय लोक चित्रकला शैली है. और भारत की पटचित्रकला परंपरा में आती है. विलुप्ति के कगार पर पहुच चुकी इस चित्र कला को 1990 के दशक में दुमका के डॉ आर के नीरद ने खोजने और बचाने का काम शुरू किया. इसके लिए झारखंड के दुमका में उन्होंने आदिवासी चित्रकला अकादमी, शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना की. तब झारखंड-बिहार एक था और राज्य के संस्कृति विभाग को भी इस लोक कला के बारे में जानकारी नहीं थी. डॉ नीरद के शोध और प्रयास के बाद 1995 में बिहार सरकार के संस्कृति विभाग ने इस चित्रकला को अपनी सूची में शामिल किया. इस पेंटिंग का पहले कोई तय नाम नहीं था. तब डॉ नीरद ने इसे जादोपटिया पेंटिंग नाम दिया. इसमें दो शब्द हैं- जादो और पटिया. इस पेंटिंग के पारंपरिक कलाकार जाति को संताली भाषा में ‘जादो’ कहा जाता है. ‘पटिया’ का अर्थ है पट यानी स्क्रॉल.

रिपोर्ट. पंचम झा

Tags:Jadopatiya painterNeelam Neerad receivedthe Senior Fellowship Awardfrom the Ministry of CultureGovernment of India

© Copyrights 2023 CH9 Internet Media Pvt. Ltd. All rights reserved.