रांची(RANCHI): राज्यभर एक विषय काफी चर्चा में बना हुआ है और यह खबर वायरल भी हो रहा है कि झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) ने 10वीं बोर्ड परीक्षा का रिजल्ट जारी कर दिया है. बिना किसी आधिकारिक घोषणा के सोशल मीडिया और व्हाट्सएप पर एक लिंक तेजी से फैलने लगा, जिसने छात्रों रिजल्ट की उत्सुकता में उस लिंक पर क्लिक कर अपना रोल कोड और रोल नंबर डाला और हैरानी की बात यह रही कि स्क्रीन पर रिजल्ट भी दिखाई देने लगा. लेकिन अब इस मामले में जैक की ओर से बयान जारी किया है कि उनकी ओर से अभी रिजल्ट जारी नहीं किया गया है यह काम कोई शरारती तत्वों का है .परीक्षा के परीक्षाफल तैयार करने प्रक्रिया वर्तमान में प्रगति पर है। परिषद् द्वारा अभी तक परीक्षाफल घोषित नहीं किया गया है
बताते चले की कई जिलों में भ्रम की स्थिति पैदा कर दी. कुछ स्कूलों में तो छात्रों ने अपने रिजल्ट डाउनलोड कर लिए और टॉपर्स की सूची तक तैयार कर साझा कर दी. अभिभावकों के बीच भी बेचैनी बढ़ने लगी, क्योंकि किसी को समझ नहीं आ रहा था कि यह सच है या अफवाह. हालांकि, जैसे-जैसे मामला फैलता गया, संबंधित वेबसाइट अचानक एरर दिखाने लगी और रिजल्ट देखना बंद हो गया. इससे लोगों की चिंता और गहरा गई. कई अभिभावकों ने तुरंत स्कूल और शिक्षा विभाग के अधिकारियों से संपर्क करना शुरू कर दिया.
बाद में जांच में साफ हुआ कि JAC की ओर से कोई आधिकारिक रिजल्ट जारी ही नहीं किया गया था. ऐसे में यह मामला फर्जी लिंक या तकनीकी छेड़छाड़ का प्रतीत होने लगा. इस तरह के लिंक अक्सर साइबर अपराधियों द्वारा फैलाए जाते हैं, ताकि लोगों की निजी जानकारी जैसे रोल नंबर और अन्य डेटा जुटाया जा सके. सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर इस तरह का फर्जी प्लेटफॉर्म कैसे तैयार हुआ और इतनी तेजी से फैल भी गया.
अब शिक्षा विभाग और साइबर सेल पर जिम्मेदारी बढ़ गई है कि वे ऐसे मामलों पर तुरंत कार्रवाई करें और दोषियों तक पहुंचें. साथ ही छात्रों और अभिभावकों को भी सतर्क रहने की जरूरत है किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने से पहले उसकी जांच लें. डिजिटल दौर में जानकारी जितनी तेजी से फैलती है, उतनी ही तेजी से भ्रम भी फैल सकता है.