धनबाद(DHANBAD): वाह रे - "गैंग्स ऑफ़ जामताड़ा" के अपराधी. साइबर क्राइम कैपिटल जामताड़ा से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है. यहां के साइबर अपराधियों ने एसपी को ही ठगी का शिकार बनाने का प्रयास किया. हालांकि अपराधी खुद ही अपने ही बुने जाल में फंस गए. चार अपराधियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. बताया जाता है कि अपराधियों ने योनो एसबीआई एप में तकनीकी समस्या की बात कह कर एसपी को फोन किया था. लेकिन उनकी चाल नाकाम रही और वह पुलिस के हत्थे चढ़ गए.
आव देखा ,न ताव सीधे जामताड़ा एसपी को ही फोन लगा दिया
दरअसल , जामताड़ा के साइबर अपराधियों ने न आव देखा ,न ताव. सीधे जामताड़ा एसपी को ही फोन लगा दिया और लिंक भेज कर अपडेट करने की सलाह दे दी. उसके बाद तो वह पुलिस की पकड़ में आ गए. लेकिन उनके हिम्मत की दाद देनी होगी. वह बैठे थे जामताड़ा में और खुद को दिल्ली वाले बता रहे थे. जामताड़ा एसपी को फोन लगाकर कहा कि मैं एसबीआई योनो सेवा के हेड ऑफिस से बात कर रहा हूं, आपके योनो एप पर समस्या आ गई है. लिंक भेजा जा रहा है, आप अपने योनो एप को अपडेट कर लें. इसके बाद जामताड़ा एसपी ने इस मामले को गंभीरता से लिया और जामताड़ा साइबर थाने की पुलिस ने 4 साइबर अपराधियों को पकड़ लिया। एसपी के निर्देश पर साइबर थाना की पुलिस ने कर्माटांड़ में छापेमारी की.
जामताड़ा के कर्माटांड़ से चार किये हैं गिरफ्तार
इस दौरान कर्माटांड़ थाना क्षेत्र से चार अपराधियों को गिरफ्तार किया गया. गिरफ्तार अपराधियों में इब्राहिम अंसारी (ग्राम पांडेडीह, थाना अहिल्यापुर, जिला गिरिडीह), हुसैन अंसारी (26 वर्ष, पिता मारूं बकसू मिया),शाकिर अंसारी उर्फ लालू (पिता शाहिद मियां), सिराज अंसारी (पिता शाहिद मियां) शामिल हैं. उनके पास से पुलिस ने 7 मोबाइल और 8 सिम कार्ड बरामद किए है, आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वह योनो एप चालू या अपडेट करने के नाम पर लोगों को कॉल करते थे. इसके बाद व्हाट्सएप और स्क्रीन शेयरिंग एप के जरिए मोबाइल स्क्रीन शेयर कराकर योनो का यूजर आईडी और पासवर्ड तैयार करते थे. ओटीपी मिलते ही नेट बैंकिंग से संबंधित खातों से रुपए की ठगी कर लेते थे.
अपराधी शातिर हैं और इस जगह से जुगाड़ करते थे नंबर
इस संबंध में पुलिस को पता चला है कि यह शातिर कई कंपनियों की ई-कॉमर्स साइट से योनो कस्टमर के बारे में पता करते थे, फिर बारी-बारी से उन्हें कॉल कर अपने जाल में फंसाकर उनका डिटेल हासिल कर ठगी का शिकार बनाते थे. यह अपराधी देशभर में सैकड़ो योनो सेवा के ग्राहकों को ठगी का शिकार बना चुके हैं. इधर, धनबाद में एक अलग तरह का गिरोह सक्रिय है. किसी को फोन कर रहे हैं और कह रहे हैं कि फलां अधिकारी आपसे कई दिनों से बात करना चाह रहे हैं. आपका स्पष्टीकरण लेना चाह रहे हैं. आप फलां नंबर पर तुरंत बात करिये। कई लोग इसके झांसे में आ भी जा रहे हैं. मतलब साफ है कि साइबर अपराधी अलग-अलग ढंग से ठगी का तरीका तैयार कर रहे हैं.
रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो
