रांची (RANCHI) राजधानी रांची का सदर अस्पताल राज्य का दूसरा सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल है. हजारों मरीज यहां इलाज कराने आते हैं. लेकिन सदर अस्पताल का भी कुव्यवस्था से गहरा लगाव है. 48 घंटे पूर्व सदर अस्पताल में प्रवेश नहीं मिलने के कारण प्रसुति महिला को ऑटो से वापस लौटना पड़ा था.
THE NEWS POST ने सदर अस्पताल जाकर पड़ताल की तो नाम नहीं बताने के शर्त पर सीनियर नर्स का कहना था कि, उनके साथ कॉम्प्लेक्सीटी थी, और हिमोग्लोबिन का स्तर भी काफी कम था इस कारण उन्हे यहां नहीं रखा गया था. उसके बाद वह यहां से चली गई.
जब हमारी टीम ने सदर अस्पताल के सिविल सर्जन से बात करने की कोशिश की तो उन्होंने कैमरे पर कुछ भी कहने से इंकार कर दिया. हालांकि खबर है कि कांके सीएचसी और सदर अस्पताल मामले की जांच एक कमिटी करेगी. 22 अगस्त को जांच का आदेश दिया गया है, 28 अगस्त को इसकी रिपोर्ट आयेगी, उसके बाद ही कुछ निर्णय लिया जाएगा.
सदर अस्पताल में नहीं मिली थीं भर्ती
शुक्रवार की देर रात को कांके निवासी करमी देवी को प्रसव पीड़ा आने के बाद सदर अस्पताल आई थीं, उनको सदर अस्पताल में भर्ती नहीं किया गया था, जिसके कारण उनका प्रसव ऑटो में हुआ था, लेकिन नवजात की मौत चोट लगने के कारण हो गई थी. इसके खिलाफ आदित्य स्वरूप साहू नामक युवक का प्लेकार्ड लेकर अपना विरोध दर्ज कराया था.
