धनबाद(DHANBAD):धनबाद जिले में इन दिनों अवैध लॉटरी का कारोबार धड़ल्ले से फल-फूल रहा है.हालात ऐसे है कि यह गैरकानूनी धंधा अब गांव की पगडंडियों से लेकर शहर के व्यस्त बाजारों और नेशनल हाईवे तक खुलेआम संचालित हो रहा है. हर दिन करोड़ों रुपये का लेन-देन इस अवैध नेटवर्क के जरिए किया जा रहा है, लेकिन कार्रवाई के नाम पर सन्नाटा पसरा हुआ है.
संगठित तरीके से विभिन्न इलाकों में फैलाया गया है धंधा
सूत्रों के अनुसार, इस पूरे अवैध कारोबार के पीछे दीपक तिवारी और गुड्डू अंसारी का नाम सामने आ रहा है.बताया जाता है कि गुड्डू अंसारी पहले स्क्रैप के कारोबार से जुड़े थे, फिर कोयला क्षेत्र में सक्रिय हुए और अब अवैध लॉटरी के बड़े नेटवर्क को संचालित कर रहे है. दोनों पर आरोप है कि वे संगठित तरीके से जिले के विभिन्न इलाकों में इस धंधे को फैलाए हुए है.
श्यामलपुर गांव में हो रही है अवैध लॉटरी की छपाई
जानकारी के मुताबिक मैथन थाना क्षेत्र के रांची कॉलोनी, कालूबथान ओपी क्षेत्र और लेदहरिया पंचायत के श्यामलपुर गांव में अवैध लॉटरी की छपाई और स्टॉकिंग का काम किया जा रहा है.यहां से जिले के अलग-अलग हिस्सों में लॉटरी टिकट सप्लाई की जाती है.सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या पुलिस प्रशासन को इसकी जानकारी नहीं है? जब इस मुद्दे पर एसएसपी प्रभात कुमार से सवाल किया गया तो उन्होंने अनभिज्ञता जताते हुए मीडिया से ही साक्ष्य उपलब्ध कराने को कहा ऐसे में सवाल उठता है कि जब पूरे जिले में यह कारोबार खुलेआम चल रहा है, तो प्रशासन की नजर क्यों नहीं पड़ रही?
भोले-भाले लोग गंवा रहे है अपनी मेहनत की कमाई
बहरहाल, इस अवैध लॉटरी के जाल में फंसकर गरीब और भोले-भाले लोग अपनी मेहनत की कमाई गंवा रहे है. उन्हें झूठे सपने दिखाकर लूटने का यह सिलसिला कब रुकेगा, यह अब प्रशासन की कार्रवाई पर निर्भर करता है.
रिपोर्ट-नीरज कुमार