देवघर (DEOGARH) : सामाजिक सरोकार के तहत इनरव्हील क्लब देवघर की ओर से कुष्ठ रोगियों के लिए स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया. क्लब की अध्यक्षा सारिका साह द्वारा प्रोजेक्ट "अडॉप्ट एंड बिल्ड द नेशन" के तहत कुष्ठ आश्रम कॉलोनी में स्वास्थ्य एवं जागरूकता अभियान चलाया गया. इस शिविर में कोलकाता के चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ अभिमन्यु की देख रेख में सभी कुष्ठ रोगियों का जांच किया गया. जांच के दौरान कॉलोनी मे कुछ नए कुष्ठ रोगियों को चिन्हित किया गया.
फैलने की 2% संभावनाएं
इस जांच शिविर के आयोजन से कुष्ठ आश्रम कॉलोनी के लोग काफी खुश दिखें. डॉ अभिमन्यु ने सबकी बाकायदा बहुत अच्छे से बिना किसी घृणा और बिना कोई संक्रमण होने के डर से अच्छे से जांच की और उन लोगों को दवाई भी प्रिस्क्राइब किया. इसके साथ ही स्वास्थ्य और सफाई के बारे में जागरूक किया. डॉ अभिमन्यु ने ये भी कहा की कुष्ठ रोग रोगियों को छूने से रोग नहीं फैलता है. सिर्फ़ २ % संभावनाएँ होती है की उन रोगियों के संपर्क में आने से बीमारी हो सकती है. लेप्रोसी यानी कोढ़ एक ऐसी बीमारी है जो हवा में मौजूद बैक्टीरिया के जरिए फैलती है. हवा में ये बैक्टीरिया किसी बीमार व्यक्ति से ही आते हैं. इसलिए इसे संक्रामक रोग भी कहते हैं. यह संक्रमण या कहिए कि सांस के जरिए फैलती है. लेकिन यह छुआछूत की बीमारी बिल्कुल नहीं है.
ऐसे बीमारी होगी खत्म
अगर आप इस बीमारी से ग्रसित व्यक्ति से हाथ मिलाएंगे या उसे छू लेंगे तो आपको यह बीमारी बिल्कुल नहीं होगी. इसलिए हमलोग को कुष्ठ रोगियों को घृणा की नज़र से नहीं देखनी चाहिए बल्कि उनकी हर संभाव मदद करनी चाहिए तथा उन्हें भी मानसिक शांति और ख़ुशी मिले. डॉ अभिमन्यु ने ये अपील भी की है की -अगर आपके घर में या आस-पास कोई इस तरह का व्यक्ति है, जिसकी आंखों में लगातार पानी आ रहा हो, हाथ पैर में छाले हो रहे हों, शरीर के कुछ हिस्से में गर्म-ठंडे का अहसास नहीं हो रहा हो या शरीर में सुन्नता बढ़ रही हो तो ऐसी स्थिति में बिना देरी के तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें. अगर लेप्रसी या कुष्ठ रोग का पता प्रारंभिक अवस्था में ही चल जाता है और इसका सही तरीके से इलाज कराना शुरू कर दिया जाता है तो 6 महीने से लेकर डेढ़ साल के अंदर इस बीमारी को पूरी तरह खत्म किया जा सकता है.
रोगियों को उपलब्ध कराई गई दवाइयां
नए कुष्ठ रोगियों की पहचान होने पर क्लब के द्वारा जिला लेप्रोसी पदाधिकारी डॉक्टर मनोज गुप्ता से संपर्क कर सारी जानकारी दी गई. उसके बाद वह तुरंत ही अपने साथ सहयोगी यों को लेकर जिला कुष्ठ आश्रम पहुंचे और वहां की वस्तुस्थिति का जायजा लिया. कुछ कुष्ठ रोगियों को दवाई उपलब्ध कराई गई और सिविल सर्जन डॉ जुगल किशोर चौधरी के द्वारा जिला लेप्रोसी पदाधिकारी मनोज गुप्ता को यह निर्देश दिया गया. कुष्ठ आश्रम में रो रह रहे सभी लोगों का रूटीन चेकअप कर वस्तुस्थिति की जानकारी उन्हे उपलब्ध कराएं.
रिपोर्ट: रितुराज सिन्हा
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