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झारखंड विधानसभा का विशेष सत्र : सदन के अंदर से लेकर बाहर तक किया कुछ हुआ खास, विस्तार से जानिए

BY -
Vishal Kumar
Vishal Kumar
Copy Editor • TheNewsPost.in
PublishedAt: January 16, 2026, 9:59:29 PM

रांची(RANCHI): राज्य में जारी सियासी उथलपुथल के बीच हेमंत सरकार ने आज एक दिन के लिए झारखंड विधानसभा का सत्र बुलाकर विश्वासमत हासिल किया. सदन में विश्वास मत के पक्ष में  48 मत पड़े. विपक्ष इस मौके पर नदारद रहा. भाजपा विधायकों ने सदन की कार्यवाही शुरू होते ही हंगामा शुरू कर दिया. मुख्यमंत्री ने जैसे ही विश्वास मत के प्रस्ताव पर बोलना शुरू किया तभी भाजपा विधायक  शोर करने लगे. हंगामे के बीच ही मुख्यमंत्री ने विश्वास प्रस्ताव रखा. सदन में हंगामे की स्थिति बनी रही. विपक्ष ने दुमका में नाबालिग लड़की को जलाने व दुष्कर्म की घटनाओं के माध्यम से सरकार को घेरा. हालांकि, सरकार की ओर से इसका जोरदार जवाब दिया गया. करीब ढाई घंटे चले सत्र में लगातार हंगामा होता रहा. इसके साथ ही विधानसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई. सदन का बहिष्कार कर भाजपा के विधायक बाहर आ गए, यहां नारे लिखे पोस्टर लेकर सरकार के विरुद्ध नारे लगाने लगे.

सदन की कार्यवाही के बाद कहां जाएंगे यूपीए विधायक: सरयू राय

पूर्व मंत्री और निर्दलीय विधायक सरयू राय ने कहा कि सदन में सीएम को कोई भी प्रस्ताव लाने का अधिकार है. जब सरकार बनी थी तो मेरे अलावा कई लोगों ने सरकार में अपना विश्वास जताया था. सदन में जितने भी प्रस्ताव मैंने लाए एक भी प्रस्ताव पर सरकार के अधिकारी ने कार्रवाई नहीं की. सदन में आखिर विश्वास प्रस्ताव क्यों रखा गया ये सवाल मेरे भी मन में है. उन्होंने कहा कि पता नहीं सदन की कार्यवाही के बाद यूपीए के विधायक कहां जाएंगे.

टोकने पर बन्ना गुप्ता को बताया भ्रष्ट मंत्री

जब सरयू राय के उक्त बात बोलने पर मंत्री बन्ना गुप्ता ने नाराजगी जतायी तो सरयू राय ने साफ तौर से कहा कि आप चुप रहिए आप एक भ्रष्ट मंत्री हैं. उन्होंने कहा कि आप अपनी मर्जी से काम करते हैं और सरकार आप पर कोई कार्रवाई नहीं करती. सरयू ने कहा कि सरकार के पास अपार बहुमत है, गिरने का सवाल ही नहीं है. सरकार को भ्रष्ट लोगों पर कार्रवाई करनी चाहिए. यूपीए के तीन विधायक आज कोलकाता में हैं. आज तीन हैं कल तेरह हो सकते हैं.

महिला अपराध पर बोलते हुए भावुक हुईंं दीपिका सिंह

सदन में कांग्रेस विधायक दीपिका पांडेय ने कहा कि राज्यपाल हफ्तेभर से दिल्ली में क्या कर रहे हैं. ये पूछने का मन करता है. केंद्र व राज्य के बीजेपी नेता राजनीतिक षडयंत्र कर रहे हैं. उसी वक्त झारखंड सरकार ने पुलिस की मांगों को पूरा करने का काम किया. सभी सरकारी कर्मी के लिए ओल्ड पेंशन स्कीम लागू की गयी. बीजेपी शासित राज्यों में सरकारी कर्मियों के साथ तानाशाही रवैया अख्तियार किया जाता है. हमलोग शर्मिंदा हैं कि झारखंड में जितनी बच्चियों के साथ अन्याय हुआ बीजेपी का कोई नेता उन्हें देखने नहीं गए. पूछा कि दिल्ली में एडमिट चतरा की बेटी को क्या दिल्ली में हमेशा रहने वाले सांसद निशिकांत दुबे उनसे मिलने गए. इस पर बाबूलाल ने कहा कि वो सभी से मिलने गए थे, तो मजाकिया अंदाज में दीपिका ने कहा कि माफ कीजिएगा सदन ने अभी तक बाबूलाल को बीजेपी के नेता का दर्जा नहीं दिया है, वो सवाल बीजेपी के विधायक से सवाल कर रही थी. दीपिका ने कहा कि महिलाओं के मुद्दे को राजनीतिक बनाना गलत है. महिलाओं पर हो रहे अत्याचार को प्रशासनिक तरीके से सुलझाना होगा. जो भी ऐसा अपराध करता है, उसे सजा मिले. मुझे अपनी सरकार पर पूरा भरोसा है. इतना बोलते-बोलते दीपिका भावुक हो गयीं.

झारखंड में पकड़ी गई भाजपा की चोरी, इसलिए मचा रहे हैं शोर: प्रदीप यादव

विधायक प्रदीप यादव ने कहा, सीएम के विश्वास प्रस्ताव का मैं समर्थन करता हूं. 2019 के बाद चार बार उपचुनाव हुए. हर बार यूपीए की जीत हुई. इसलिए बीजेपी डरी हुई है और वो चुनाव लड़ना नहीं बल्कि विधायकों को खरीदना चाहती है. 2014 गवाह है कि कैसे जेवीएम के विधायकों को बीजेपी ने खरीदा था. इस बात के कोई और नहीं बल्कि बाबूलाल मरांडी गवाह हैं. इसका प्रमाण मेरे पास है. बाबूलाल की चिट्ठी और अखबारों कीकतरन भी मेरे पास है. जिसमें बाबूलाल ने कहा है कि कैसे बीजेपी विधायकों को खरीदती है. 2019 में बीजेपी एमपी और राजस्थान में इनकी सत्ता चली गयी. पूरे देश ने देखा कि कैसे बीजेपी ने एमपी में अपनी सरकार बनायी. अरुणाचल में भी वही हुआ. हाल ही में महाराष्ट्र में भी बीजेपी विधायकों को खरीदती दिखी और वही झारखंड में बीजेपी दोहराना चाहती है. लेकिन सीएम हेमंत सोरेन ने इनकी चोरी पकड़ ली. इसलिए अब ये चोर शोर मचा रहे हैं.

बहुमत साबित करना गलत है: सुदेश महतो

आजसू  सुप्रीमो सुदेश महतो ने सदन में कहा कि सत्तापक्ष जो बहुमत साबित कर रहा है, वो गलत है. किसी ने उनसे बहुमत साबित करने को कहा ही नहीं है. शायद यूपीए को अपने विधायकों पर विश्वास नहीं है. उन्हीं का विश्वास शायद जीतने की कोशिश हो रही है. जो आत्मविश्वास सदन में 2019 में जीत कर आने के बाद यूपीए के विधायकों में था, वो आज बिल्कुल नहीं दिख रहा है. अपनी सरकार में विश्वास जीतने के लिए अपनी ही सरकार राज्य से बाहर नहीं जाती. उन्होंने कहा कि स्थानीयता का निर्धारण हो. मैं सुदिव्य सोनू के साथ हूं. यूपीए के विधायक अपने दरवाजे से नहीं आए हैं. सीएम के गेट से आए हैं. निश्चित तौर पर सरकार में हड़बड़ी दिख रही है.

हेमंत की सदस्यता जा रही है तो बताना चाहिए: विनोद कुमार सिंह

बगोदर से भाकपा माले के विधायक विनोद कुमार सिंह ने कहा,  पिछले 15 दिनों से जो हालात हैं, उसे पूरा देश देख रहा है. और साथ में झारखंड की जनता देख रही है. मीडिया में लगातार हर तरह की बातें हो रही हैं. अगर ऐसी कोई बात है सीएम हेमंत सोरेन की सदस्यता जा रही है तो इसे बता दिया जाना चाहिए. झारखंड में हमेशा से विधायकों की खरीद-फरोख्त होती रही है. ज्यादातर बीजेपी ने ही शासन किया है. बाबूलाल से पूछा जा सकता है. सरकारी मशीनरी का इस्तेमाल गलत तरीके से हो रहा है.

राज्य की हर बेटी के घाव पर मरहम लगाएंगे हेमंत: सुदिव्य सोनू

सदन में जेएमएम की तरफ से गिरिडीह के विधायक सुदिव्य सोनू ने कहा कि विश्वास मत के प्रस्ताव का विरोध करने वाले लोगों को जनता के मैनडेट पर भरोसा नहीं है. 2019 में झारखंड की जनता ने ये वादा किया था कि हेमंत है तो हिम्मत है. हेमंत है तो हमें विश्वास है. हमें विश्वास है कि झारखंड की हर बेटी के घाव में हेमंत मरहम लगाएंगे. झारखंड की जनता बड़ी गौर से देख रही है. बीजेपी आदिवासी मुख्यमंत्री बर्दाश्त नहीं कर पा रही है. सरकार को अपदस्थ करने की लगातार कोशिशें हो रही हैं.

क्या बोले मुख्यमंत्री हेमंत

सदन की कार्यवाही शुरू होते ही मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने विपक्ष द्वारा उठाए जा सवालों का जवाब दिया. विश्वास मत के प्रस्ताव पर हेमंत सोरेन ने सदन में कहा कि विश्वास प्रस्ताव लाने की वजह बीजेपी है. जिस राज्य में बीजेपी की सरकार नहीं होती है. वहां बीजेपी की तरफ से गृह युद्ध जैसा माहौल बना दिया जाता है. इसलिए आज यूपीए को विश्वास प्रस्ताव लाना पड़ा है. इसके साथ ही सीएम हेमंत सोरेन ने विश्वास प्रस्ताव सदन में पेश किए.

सरकार को अपने भी विधायकों पर विश्वास नहीं: नीलकंठ सिंह मुंडा

सदन में नीलकंठ सिंह मुंडा ने कहा कि दुमका में जिस तरह से झारखंड की बेटी की हत्या कर दी गई है और सरकार नौका विहार कर रही है. रायपुर में रिसॉर्ट में ठहर रही है. गरीब आदिवासी लड़की के घर पर बुलडोजर चला दिया गया. अपनी कमजोरियों को सरकार छिपाने की कोशिश कर रही है.

विधानसभा के मुख्य द्वार पर हंगामा

झारखंड विधानसभा के विशेष सत्र की कार्यवाही शुरू होने से पहले भाजपा विधायकों ने विधानसभा मुख्य द्वार पर जमकर हंगामा किया. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ नारेबाजी की. भाजपा विधायकों ने मुख्यमंत्री इस्तीफा दो, दुमका की बेटी के हत्यारे को फांसी दो, लव जेहाद बंद करो, मुस्लिम तुष्टिकरण बंद करो के नारे लगाए.

वहीं, भाजपा विधायक भानु प्रताप शाही ने कहा कि राज्य में आदिवासी दलित बच्चियों की हत्या होती है और मुख्यमंत्री का बयान आता है कि ऐसी घटनाएं होती रहती हैं, यह शर्मनाक है. एक राज्य के मुखिया का इस तरह का बयान समस्त नारी जाति का अपमान है. उन्होंने कहा कि इस सरकार को अपने ही विद्यायकों पर भरोसा नहीं है. यह सरकार हेमंत सोरेन की नहीं हेमंत अंसारी की सरकार हो गयी है. दलितों का घर तोड़ा जा रहा है. उन्होंने कहा कि पूरी सरकार भ्रष्टाचार में डूबी हुई है. मुख्यमंत्री से लेकर उनके जितने भी सहयोगी और सलाहकार हैं सभी पर भ्रष्टाचार का मामला चल रहा है.

किसने अविश्वास प्रस्ताव लाया जो विश्वास मत हासिल कर रही है सरकार : बाबूलाल

भाजपा विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी ने कहा कि सत्र के लिए जो प्रोसिडिंग मिली है, उसमें यह कहा गया है कि सरकार सदन में विश्वास मत हासिल करेगी. मरांडी ने कहा कि सवाल उठता है कि सरकार के खिलाफ किसने अविश्वास प्रस्ताव लाया जो विश्वास मत की जरुरत पड़ गयी. सामान्य तौर पर यह होता है कि विश्वास मत के लिए राज्यपाल कहते हैं लेकिन ऐसा भी नहीं हुआ. यह तो पूरे देश की जनता देख रही है कि हेमंत सरकार को अपने ही विधायकों पर भरोसा नहीं है और यही वजह है कि वे अपने सभी विधायकों को कैद करके रखे हुए है.

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